

नवदुर्गा स्तुति, डांडिया नृत्य और श्रीराम की भव्य झांकी ने मोहा मन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से भक्तिमय हुआ विद्यालय परिसर
प्रबंधक डीपी मौर्य और प्रधानाचार्य शत्रुघ्न विश्वकर्मा ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, अनुशासन और अच्छाई की जीत का संदेश दिया
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। सिधारी स्थित महादेवी हायर सेकेंडरी स्कूल में नवरात्रि एवं दशहरा उत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नवदुर्गा स्तुति के साथ हुआ। इसके बाद विद्यालय के प्रबंधक डीपी मौर्य, प्रधानाचार्य शत्रुघ्न विश्वकर्मा और एकेडमिक डायरेक्टर रामनयन मौर्य ने संयुक्त रूप से मां दुर्गा की आरती कर सभी के सुख-समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। कक्षा सातवीं की छात्राओं ने शानदार डांडिया नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। उनकी प्रस्तुति से विद्यालय परिसर उत्साह और उमंग से गूंज उठा।

वहीं, नर्सरी से यूकेजी तक के नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और भक्त हनुमान के स्वरूप में मनमोहक झांकी प्रस्तुत की। बच्चों की आकर्षक वेशभूषा और शानदार प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को राममय बना दिया। विद्यार्थियों के भक्ति समूह गीत ने भी उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।
विद्यालय के प्रबंधक डीपी मौर्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नवरात्रि और दशहरा केवल छुट्टियों का आनंद लेने या मेले घूमने के त्योहार नहीं हैं, बल्कि ये आत्ममंथन करने और अपने जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने का अवसर हैं। नवरात्रि हमें शक्ति, संकल्प और अनुशासन का पाठ सिखाती है। मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूप हमें अपनी आंतरिक ऊर्जा और क्षमताओं को पहचानने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सबसे बड़ी ताकत उनका ज्ञान, अनुशासन और मेहनत है। विद्या की आराधना के माध्यम से वे अपने भविष्य की मजबूत नींव रख सकते हैं। दशहरा हमें संदेश देता है कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः जीत सच्चाई और अच्छाई की ही होती है। भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म पर धर्म की विजय स्थापित की थी।
अपने भीतर की बुराइयों रूपी रावण का करें अंत: प्रधानाचार्य
प्रधानाचार्य शत्रुघ्न विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में हमें किसी बाहरी रावण को खोजने की जरूरत नहीं है। हमारे भीतर मौजूद आलस्य, अनुशासनहीनता, झूठ बोलना, दूसरों का अनादर करना और पढ़ाई के प्रति लापरवाही जैसी बुरी आदतें ही हमारे भीतर का रावण हैं। दशहरे के अवसर पर सभी विद्यार्थियों को इन कमियों को दूर करने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर, संस्कारी और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि विद्यार्थी मां दुर्गा से शक्ति लेकर और भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलकर देश के अच्छे नागरिक बनेंगे। साथ ही उन्होंने सभी को नवरात्रि और दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए त्योहार सुरक्षित और हर्षोल्लास के साथ मनाने की अपील की।
शिक्षकों का रहा सराहनीय योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में कोऑर्डिनेटर आनंद मौर्य, दिनेश यादव, रामचरण मौर्य, दीपिका सिंह, मीनाक्षी अस्थाना, धीरेंद्र मोहन, शरद गुप्ता, प्रेमा यादव, आदित्य मिश्रा, अजय यादव, राहुल तिवारी, किशन यादव सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का सराहनीय योगदान रहा।
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