

रामजन्म से लेकर रावण वध और अयोध्या वापसी तक के प्रसंगों का जीवंत मंचन, जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजा विद्यालय परिसर
प्रबंध निदेशक प्रशांत चन्द्रा और प्रधानाचार्य विनय पाण्डेय की उपस्थिति में आयोजित हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम, विद्यार्थियों को सत्य, मर्यादा और अनुशासन का संदेश
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। शहर के एलवल स्थित सेन्ट जेवियर्स हाई स्कूल में शुक्रवार को नवरात्रि एवं विजयादशमी के उपलक्ष्य में भव्य श्रीरामलीला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का आकर्षक मंचन कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान पूरा विद्यालय परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंध निदेशक प्रशांत चन्द्रा, आवासीय प्रबंधक प्रद्युम्न जायसवाल, अनिरुद्ध जायसवाल, प्रधानाचार्य विनय पाण्डेय, सीएओ साक्षी बिसेन, उपप्रधानाचार्य संजय कुमार पाण्डेय, विद्यालय समन्वयक धीरेन्द्र भारद्वाज, आराधना राय और मोना सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने मां शारदे एवं प्रभु श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इसके बाद विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। विद्यार्थियों ने स्वागत गीत और नृत्य की प्रस्तुतियों के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया।
रामजन्म से रावण वध तक के प्रसंगों का हुआ मंचन
रामलीला के दौरान विद्यार्थियों ने रामजन्म, गुरुकुल शिक्षा, ताड़का वध, सीता स्वयंवर, राम विवाह, वनगमन, शूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण, हनुमान मिलन, लंका दहन, रावण वध और अयोध्या वापसी सहित रामायण के अनेक महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया।
आधुनिक लाइट-साउंड सिस्टम और भव्य डिजिटल बैकड्रॉप से सजे मंच पर विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां बेहद प्रभावशाली रहीं। पारंपरिक वेशभूषा, आकर्षक मुकुट, साज-सज्जा और पृष्ठभूमि में गूंजते भजनों ने त्रेतायुग के वातावरण का सजीव एहसास कराया। सीता स्वयंवर, ताड़का वध, वनगमन, राजा दशरथ के निधन, सीता हरण और लंका दहन जैसे दृश्यों ने दर्शकों को विशेष रूप से भावविभोर कर दिया।
श्रीराम के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा
कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने विद्यार्थियों के अभिनय और प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन के उच्च आदर्शों से जोड़ते हैं। भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, सत्य और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है। आज की पीढ़ी को इन आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की जरूरत है।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य विनय पाण्डेय ने सभी अतिथियों और आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रामलीला के आयोजन का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर धैर्य, अनुशासन, आज्ञाकारिता और असत्य पर सत्य की विजय जैसे नैतिक मूल्यों को विकसित करना है।
उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए विद्यालय के समस्त शिक्षण एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के प्रति आभार जताया और सभी को दशहरे की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।