
फूलपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक को एसीजेएम कोर्ट नंबर-10 का निर्देश, पीड़िता ने अधिवक्ता के माध्यम से दाखिल किया था प्रार्थनापत्र
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। दुष्कर्म के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने फूलपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक को चार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है। एसीजेएम कोर्ट नंबर-10 की न्यायिक अधिकारी नीतिका राजन ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए यह आदेश दिया।
पीड़िता ने अपने अधिवक्ता विंध्यवासिनी प्रसाद सिंह के माध्यम से अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल किया था। प्रार्थनापत्र के मुताबिक, पीड़िता फूलपुर थाना क्षेत्र स्थित एक इंटर कॉलेज की छात्रा है। आरोप है कि उसी कॉलेज में पढ़ने वाले आकाश सोनकर, सुनील यादव, बरनीत यादव और सनी गौतम अक्सर उसके साथ छेड़खानी करते थे।
पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी की बातचीत कहीं और चलने लगी तो आकाश सोनकर ने 23 जुलाई 2026 को उसके पिता और भाई को धमकी दी। इसकी शिकायत स्थानीय थाने में किए जाने पर पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया था।
प्रार्थनापत्र में आगे आरोप लगाया गया है कि 16 अगस्त 2026 को पीड़िता अपनी बहन के साथ पिता की दुकान से घर लौट रही थी। बूंदाबांदी होने पर वह एक पेड़ के नीचे खड़ी हो गई। इसी दौरान आकाश सोनकर अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि कट्टे के बल पर पीड़िता को पास के बाजरे के खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया और उसके साथियों ने भी इसमें सहयोग किया।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने फूलपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक को आकाश सोनकर समेत चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।