आबादी से दूर खुले मैदान में लगेंगी पटाखों की दुकानें, सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य

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मंडलायुक्त और डीआईजी ने की कानून-व्यवस्था की समीक्षा, त्योहारों पर शांति बनाए रखने के लिए पीस कमेटियों की बैठक कराने के निर्देश

हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। आगामी धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठ पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए मंडलायुक्त विवेक और पुलिस उपमहानिरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने मंडलीय कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। बुधवार को मंडलायुक्त सभागार में हुई बैठक में अधिकारियों को अवैध पटाखों की बिक्री और भंडारण पर प्रभावी कार्रवाई करने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आजमगढ़, मऊ और बलिया में पटाखों की अस्थायी दुकानें आबादी से दूर खुले मैदान में चिह्नित स्थलों पर ही लगाई जाएं। दुकानों के पास बालू की बोरियां, अग्निशमन यंत्र और पानी से भरे ड्रम रखने के साथ दो दुकानों के बीच निर्धारित दूरी का पालन कराया जाए। पटाखों की दुकानों के आसपास ज्वलनशील सामग्री नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को अवैध दुकानों और पटाखों के भंडारण के खिलाफ नियमित निरीक्षण कर कार्रवाई करने को भी कहा गया।
पीस कमेटियों की बैठक कर समस्याओं का कराएं समाधान
मंडलायुक्त और डीआईजी ने सभी थानों, तहसीलों और जिला मुख्यालयों पर पीस कमेटी की बैठक कराने का निर्देश दिया। बैठक में संभ्रांत नागरिकों और आयोजकों की ओर से उठाई जाने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान कराने पर जोर दिया गया, ताकि त्योहारों के दौरान शांति और सौहार्द बना रहे।
लंबित विवेचनाओं और अपराधों पर कार्रवाई के निर्देश
समीक्षा बैठक में तीनों जिलों में पुलिस विभाग से संबंधित लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रमुख अपराधों, महिला अपराधों और अनुसूचित जाति-जनजाति उत्पीड़न से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने अवैध गतिविधियों पर नजर रखने और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। आईबी, एलआईयू, आर्थिक अपराध शाखा और एसआईटी जैसी विशेष इकाइयों के कार्यों की भी समीक्षा की गई।
अहरौला हत्याकांड में पुलिस की भूमिका की सराहना
हाल में शंभुपुर, अहरौला में हुए हत्याकांड के दौरान पुलिस की ओर से साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए दोनों बच्चियों को सुरक्षित बचाने के प्रयासों की मंडलायुक्त और डीआईजी ने सराहना की। बच्चियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एसएसपी और पुलिस विभाग की ओर से किए गए प्रयासों, जिलाधिकारी की ओर से दी गई आर्थिक सहायता तथा तीनों परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के कार्य की भी प्रशंसा की गई।
जनता दर्शन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग करेंगे मंडलायुक्त और डीआईजी
शासन के निर्देशों के तहत मंडलायुक्त और डीआईजी अब मंडल के सभी थानों और तहसीलों में आयोजित जनता दर्शन से ऑनलाइन जुड़कर शिकायतों के निस्तारण की निगरानी करेंगे। संपूर्ण समाधान दिवस और थाना दिवस में आने वाली राजस्व संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने तथा नियमानुसार आपसी सहमति से समाधान कराने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिलाधिकारी आजमगढ़ रविंद्र कुमार, जिलाधिकारी मऊ आनंद वर्धन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार, पुलिस अधीक्षक मऊ सर्वेश कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक बलिया ईरज राजा, अपर आयुक्त प्रमोद कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़ कमलकिशोर कंडारकर, मुख्य विकास अधिकारी मऊ ध्रुव खाड़िया सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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