
डीएम रविन्द्र कुमार सख्त, शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर होगी कठोर कार्रवाई
असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों में अधिकारी खुद मौके पर जाकर दूर करेंगे समस्या, कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर श्रेणी में न जाने देने की हिदायत
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और बैठक से बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में बिना बताए अनुपस्थित रहने पर अपर मुख्य अधिकारी वर्तिका त्रिपाठी और पीओ डूडा डॉ. महेंद्र प्रसाद का वेतन रोकने का निर्देश दिया। डीएम ने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर प्राप्त शिकायतों की विभागवार और तहसीलवार समीक्षा की गई। इस दौरान शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता और शिकायतकर्ताओं से मिले फीडबैक की भी पड़ताल की गई। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केवल पोर्टल पर निस्तारण आख्या अपलोड करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान होना चाहिए।
टॉप-5 विभागों की शिकायतों पर विशेष नजर
समीक्षा के दौरान सर्वाधिक शिकायतों वाले पांच विभागों राजस्व, विद्युत, पंचायती राज, ग्राम्य विकास तथा खाद्य एवं रसद विभाग की स्थिति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीनस्थ जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को संबंधित गांवों में भेजकर मौके पर जांच कराएं। शिकायतों का नियमानुसार और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
तहसीलवार समीक्षा में सगड़ी, फूलपुर, सदर, बूढ़नपुर और लालगंज में प्राप्त शिकायतों पर भी चर्चा हुई। डीएम ने संबंधित नायब तहसीलदारों को निर्देश दिया कि वे स्वयं गांवों में जाकर मामलों की समीक्षा करें और शिकायतों का संतोषजनक समाधान कराएं।
विद्युत विभाग के असंतुष्ट फीडबैक पर नाराजगी
विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने एक्सईएन विद्युत को जेईवार रिपोर्ट लेकर प्रत्येक मामले की समीक्षा करने और शिकायतों का नियमानुसार निस्तारण कराने का निर्देश दिया। साथ ही, संबंधित प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण समाधान का प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने को कहा।
डीएम ने चेतावनी दी कि विद्युत संबंधी शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही के कारण यदि शिकायतकर्ता असंतुष्ट रहता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
अधिकारी खुद शिकायतकर्ता से करेंगे संवाद
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शिकायतकर्ताओं से स्वयं संपर्क कर उनकी समस्याओं और फीडबैक की जानकारी लें। जिन मामलों में असंतुष्ट फीडबैक मिला है, उनमें अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर शिकायतकर्ता से बातचीत करें और समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि जिन गांवों से लगातार अधिक शिकायतें मिल रही हैं, वहां अधिकारी पहुंचकर समस्या के मूल कारणों की पहचान करें। स्थायी समाधान किया जाए, ताकि एक ही तरह की शिकायतें बार-बार पोर्टल पर न आएं।
समय सीमा में निस्तारण अनिवार्य
डीएम रविन्द्र कुमार ने कहा कि आईजीआरएस शासन की उच्च प्राथमिकता वाला पोर्टल है। सभी अधिकारी नियमित रूप से शिकायतों की निगरानी करें और निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर श्रेणी में नहीं जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता को संतुष्ट करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) नरेंद्र सिंह, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा, डीसी एनआरएलएम डॉ. आराधना त्रिपाठी, परियोजना निदेशक सच्चिदानंद सहित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।