
पुलिस टीम पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई, 10 किलो प्रतिबंधित मांस, पशु अवशेष, तमंचा, कारतूस और चापड़ बरामद
गिरफ्तार सलमान पर पहले से गोवध निवारण अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज हैं मुकदमे, अन्य साथियों की तलाश में जुटी पुलिस
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। जिले के गम्भीरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने गोकशी के आरोप में दो सगे भाइयों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग करने वाले आरोपी जमील के बाएं पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदपुर भेजा गया। गिरफ्तार दूसरे आरोपी की पहचान सलमान के रूप में हुई है। दोनों के कब्जे से 10 किलोग्राम प्रतिबंधित मांस, प्रतिबंधित पशु के अवशेष, लोहे का चापड़, मोटरसाइकिल और .315 बोर का अवैध तमंचा बरामद किया गया है।
चेकिंग के दौरान मिली गोकशी की सूचना
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 25 अक्टूबर की रात थानाध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी पुलिस टीम के साथ संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि ग्राम सरसेना खालसा के कुछ लोग प्रतिबंधित पशु का वध कर मांस बेचने के बाद बचे अवशेष मोटरसाइकिल से ले जा रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने खराटी से आवक मोड़ के पास घेराबंदी की। इसी बीच मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस के रोकने पर आरोप है कि दोनों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें जमील के बाएं पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने जमील और सलमान को गिरफ्तार कर लिया।
मांस, चापड़ और अवैध असलहा बरामद
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 10 किलोग्राम प्रतिबंधित पशु का मांस, एक प्रतिबंधित पशु के अवशेष, लोहे का चापड़, एक मोटरसाइकिल, .315 बोर का अवैध तमंचा, दो खोखा कारतूस और एक मिस कारतूस बरामद किया गया है।
पूछताछ में कई अन्य साथियों के शामिल होने की बात
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ आसपास घूमने वाले छुट्टा प्रतिबंधित पशुओं को पकड़कर सुनसान स्थानों पर ले जाते थे। वहां उनका वध करने के बाद मांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में बेचने के लिए उपलब्ध कराते थे। बिक्री से प्राप्त धन आपस में बांट लेते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने यह भी बताया कि मांस की बिक्री से मिले पैसों से अवैध असलहा खरीदकर रखते थे, ताकि विरोध होने पर लोगों को डराकर मौके से भाग सकें। पुलिस अब इस मामले में अन्य संभावित साथियों की भूमिका की जांच कर रही है।
सलमान पर पहले से दर्ज हैं मुकदमे
गिरफ्तार जमील पुत्र स्वर्गीय मोबिन की उम्र करीब 42 वर्ष और सलमान पुत्र स्वर्गीय मोबिन की उम्र करीब 30 वर्ष बताई गई है। दोनों ग्राम लहबरिया सरसेना खालसा, थाना गम्भीरपुर, जनपद आजमगढ़ के निवासी हैं।
पुलिस के मुताबिक, सलमान के खिलाफ वर्ष 2017 में गोवध निवारण अधिनियम और वर्ष 2018 में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमे दर्ज हुए थे। वर्तमान मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ मु0अ0सं0 255/2026 के तहत बीएनएस, गोवध निवारण अधिनियम और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
थानाध्यक्ष के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी के साथ उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार मिश्रा, योगेश सरोज, विरेन्द्र कुमार यादव सहित थाना गम्भीरपुर के पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि गोतस्करी और गोकशी की घटनाओं में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध अभियान जारी है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।