
रूदरी गांव में दशहरे के दिन हुई थी पारसनाथ और तालुकदार सिंह की हत्या, 29 अक्टूबर को सजा पर फैसला
17 गवाहों की गवाही के बाद अदालत ने सुनाया फैसला, क्रॉस केस में भी छह आरोपी दोषी
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। रानी की सराय थाना क्षेत्र के रूदरी गांव में करीब 19 साल पहले दशहरे के दिन हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में सोमवार को अदालत ने अहम फैसला सुनाया। पारसनाथ सिंह और तालुकदार सिंह की हत्या के मामले में ब्लॉक प्रमुख विपिन सिंह समेत आठ आरोपियों को दोषी करार दिया गया। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-एक कमलापति की अदालत ने दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 29 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है।
दशहरे के दिन हुई थी दो लोगों की हत्या
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 21 अक्टूबर 2007 को दशहरे के दिन सुबह करीब नौ बजे रूदरी गांव निवासी रामजन्म सिंह अपने दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान विपिन सिंह समेत नौ लोग हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचे। आरोप है कि विपिन सिंह ने तालुकदार सिंह को गोली मार दी, जबकि राजेश सिंह ने पारसनाथ सिंह को गोली मार दी। अन्य लोगों ने रामजन्म सिंह, उनके भतीजे अंकित सिंह और आशीष के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। गोली लगने से तालुकदार सिंह और पारसनाथ सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
17 गवाहों की गवाही के बाद आया फैसला
मामले की विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 17 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने आठ आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया। मुकदमे के दौरान एक आरोपी राधेश्याम सिंह की मृत्यु हो गई थी।
क्रॉस केस में छह आरोपी भी दोषी
इसी घटना से जुड़े क्रॉस केस में विपिन सिंह ने कातिलाना हमले की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि रामदरस, आशीष सिंह, शक्ति सिंह, दीपक सिंह और रामजन्म सिंह समेत अन्य लोगों ने बलवंत और अरविंद के साथ मारपीट की तथा फायरिंग की, जिसमें विपिन सिंह के पैर में गोली लगी थी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाह पेश किए गए। अदालत ने क्रॉस केस में भी छह आरोपियों को कातिलाना हमला और मारपीट का दोषी करार दिया। दोनों मामलों में सजा के बिंदु पर 29 अक्टूबर को फैसला सुनाया जाएगा।