
सगड़ी के सहनुपुर गांव में युवक को निर्वस्त्र कर घुमाने और निजी अंग काटने के प्रयास का आरोप, मुकदमा दर्ज होने के बाद भी गिरफ्तारी न होने पर पूर्व मंत्री ने उठाए सवाल
पीड़ित परिवार से मिले पूर्व मंत्री, रौनापार थाना प्रभारी से की बात, एसपी, डीआईजी और डीजीपी तक मामला ले जाने की दी चेतावनी
हिंदी न्यूज़ 24
सगड़ी/आजमगढ़। रौनापार थाना क्षेत्र के सहनुपुर गांव में एक युवक के साथ कथित रूप से मारपीट कर उसे निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाने और उसके निजी अंग को चाकू से काटने का प्रयास करने का मामला सामने आया है। घटना 19 अक्टूबर की देर शाम की बताई जा रही है। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित परिवार परेशान है। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी की सरकार में पूर्व मंत्री रहे रामाश्रय विश्वकर्मा अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के प्रतिनिधिमंडल के साथ पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
पीड़ित अजीत विश्वकर्मा (करीब 19 वर्ष), पुत्र गोरख विश्वकर्मा, लगभग एक साल पहले के प्रेम-प्रसंग से जुड़े मामले के बाद बेंगलुरु चला गया था। आरोप है कि 19 अक्टूबर को गांव लौटने के दौरान प्राथमिक विद्यालय के पास तीन-चार लोगों ने उसे बाइक से जाते समय रोक लिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई, उसे निर्वस्त्र कर दिया गया और चाकू से निजी अंग काटने तथा आंख निकालने का प्रयास किया गया। आरोप यह भी है कि युवक को निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाया गया।
परिजनों के मुताबिक, घटना की सूचना मिलने के करीब दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज किया। हालांकि, अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से परिवार पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है।
शुक्रवार को पूर्व मंत्री रामाश्रय विश्वकर्मा ने पीड़ित अजीत, उसकी मां चंद्रकला और चाचा श्रीप्रकाश विश्वकर्मा से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारी से भी बात कर आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने के संबंध में जानकारी मांगी और कार्रवाई करने को कहा।
इस दौरान रामाश्रय विश्वकर्मा ने कहा कि लोकतंत्र और कानून का हनन बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। किसी व्यक्ति को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाना और उसे इस तरह प्रताड़ित करना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना पर समाज के लोगों की चुप्पी भी चिंताजनक है।
पूर्व मंत्री ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए वह एसपी, डीआईजी और जरूरत पड़ने पर डीजीपी से भी मिलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में घटना के अनुरूप उचित धाराएं नहीं लगाई गई हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि घटना का वीडियो बनाए जाने और उसे पुलिस द्वारा डिलीट किए जाने की बात सामने आ रही है, जिसकी जांच होनी चाहिए।
रामाश्रय विश्वकर्मा ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए और जांच के आधार पर जो धाराएं लागू होती हैं, उनके तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि न्याय की लड़ाई में वे उनके साथ खड़े हैं।
इस दौरान अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के प्रतिनिधिमंडल में दिनेश विश्वकर्मा, मुसाफिर विश्वकर्मा, हरिकेश विश्वकर्मा, वीरेन्द्र विश्वकर्मा, मनीष विश्वकर्मा, अम्बिका शर्मा, मिन्टू प्रजापति, अमरनाथ मौर्य और राजेश यादव सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।