सीएमओ के औचक निरीक्षण में जिगनी और मेंहनगर में कई कर्मचारी मिले अनुपस्थित, स्पष्टीकरण तलब

आजमगढ़ आजमगढ़ खास खबर आजमगढ़ ग्रामीण


दो दिन में देना होगा जवाब, संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर वेतन रोकने की संस्तुति, मेंहनगर में नियमित कर्मचारी मिले उपस्थित

हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जिगनी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहनगर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों स्वास्थ्य केंद्रों पर कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले। सीएमओ ने संबंधित कर्मचारियों से दो दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण तलब किया है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वेतन रोकने की संस्तुति के साथ नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिगनी सीएचसी में तीन कर्मचारियों की अनुपस्थिति दर्ज
मुख्य चिकित्साधिकारी ने सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जिगनी का निरीक्षण किया। इस दौरान उपस्थिति पंजिका के अवलोकन में डॉ. अखिलेश, लैब टेक्नीशियन मृत्युंजय पांडेय तथा डेंटल हाइजीनिस्ट अमित कुमार अनुपस्थित पाए गए। सीएमओ ने संबंधित कर्मचारियों को दो दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मेंहनगर पीएचसी में कई कर्मचारी अनुपस्थित
इसके बाद सीएमओ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहनगर पहुंचे। यहां उन्होंने परिसर की साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उपस्थिति पंजिका के निरीक्षण में नियमित कर्मचारी उपस्थित मिले, जबकि अनुपस्थित कर्मचारियों में अधिकांश संविदा पर तैनात बताए गए।
निरीक्षण के दौरान दर्ज विवरण के अनुसार, राहुल शर्मा (एलटीटी) नौ अक्टूबर, राजू प्रजापति (बीपीएचयू) 10 अक्टूबर, अमित कुमार (एसटीसीएस) नौ और 10 अक्टूबर तथा अनिल कुमार गुप्ता (डाटा एंट्री ऑपरेटर) 10 अक्टूबर को अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा प्रवीण कुमार बर्नवाल (बीएएम) और रविशंकर राय (बीसीपीएम) भी नौ और 10 अक्टूबर को अनुपस्थित मिले।
आरबीएसके सहित अन्य कर्मियों की अनुपस्थिति भी दर्ज
निरीक्षण के दौरान आरबीएसके से संबंधित डॉ. पीयूष सिंह (मेडिकल ऑफिसर), डॉ. किरण यादव, वरुण सिंह, सुनीता सिंह, पूजा मिश्रा, डॉ. संध्या सिंह, डॉ. सरफराज अहमद और डॉ. विपुल कुमार सहित कई अन्य कर्मचारियों के अनुपस्थित पाए जाने का उल्लेख किया गया।
इनमें पंकज श्रीवास्तव (बीपीएम), डॉ. श्रेया सिंह (आईएमओ), डॉ. अर्जुन सरोज, डॉ. प्रतिभा कुमारी, डॉ. प्रदीप सिंह और डॉ. अमन पांडेय के नाम भी शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त डॉ. अमित कुमार (आयुष चिकित्सक), मोहम्मद मोहसिन (वार्ड ब्वाय), रामसागर (एफआई), सूरज प्रकाश यादव (बीएचडब्ल्यू), श्रीनाथ यादव (हेल्थ सुपरवाइजर), विनय कुमार भारद्वाज और अजय कुमार सिंह भी निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए। इनमें वार्ड ब्वाय मोहम्मद मोहसिन आठ, नौ और 10 अक्टूबर को अनुपस्थित दर्ज किए गए।
दो दिन में स्पष्टीकरण नहीं तो होगी कार्रवाई
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने संबंधित कर्मचारियों को दो दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में जवाब नहीं देने या स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित संविदा कर्मचारियों का वेतन रोकने की संस्तुति की जाएगी। साथ ही नियमानुसार विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
सीएमओ ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात प्रत्येक चिकित्सक और कर्मचारी का दायित्व है कि वह निर्धारित समय पर उपस्थित रहकर अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करे। कर्मचारियों की अनुपस्थिति से मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आगे भी जारी रहेंगे औचक निरीक्षण
मुख्य चिकित्साधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों को स्वास्थ्य इकाइयों में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। कार्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता या कर्तव्यों के प्रति उदासीनता मिलने पर संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *