
चरित्र प्रमाणपत्र, हैसियत प्रमाणपत्र समेत कई दस्तावेज कूटरचित पाए जाने का दावा, अधिशासी अधिकारी की तहरीर पर कार्रवाई
जांच में दस्तावेज फर्जी और कूटरचित पाए जाने का दावा, मुबारकपुर थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। मुबारकपुर नगर पालिका परिषद की निविदाओं में कथित तौर पर फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लाभ लेने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। नगर पालिका परिषद मुबारकपुर के अधिशासी अधिकारी विनय कुमार मिश्र की तहरीर पर मुबारकपुर थाने में भारत न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
शिकायत के अनुसार मो. अम्मार अदीबी पुत्र मुजफ्फर हसन, प्रोपराइटर भारत कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर, निवासी पुरारानी, थाना मुबारकपुर पर निविदाओं में फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र, हैसियत प्रमाणपत्र एवं अन्य प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।
तहरीर में बताया गया है कि निविदाओं में ऑनलाइन अपलोड किए गए तथा भौतिक रूप से प्रस्तुत अभिलेखों की जांच कराई गई। सत्यापन के दौरान चरित्र प्रमाणपत्र, हैसियत प्रमाणपत्र, शपथपत्र समेत अन्य अभिलेख फर्जी और कूटरचित पाए जाने का दावा किया गया है।
आरोप है कि कथित कूटरचित दस्तावेजों को वास्तविक अभिलेखों के रूप में प्रस्तुत कर निविदाएं प्राप्त करने का प्रयास किया गया। तहरीर में इससे सरकारी धन को क्षति पहुंचाए जाने की बात भी कही गई है। अधिशासी अधिकारी ने आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
मुबारकपुर थाने में एफआईआर संख्या 0361, दिनांक 4 अक्टूबर 2026 दर्ज की गई है। इसमें बीएनएस की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3) और 340(2) लगाई गई हैं। मामले की विवेचना धर्मेंद्र शर्मा, उपनिरीक्षक/वरिष्ठ उपनिरीक्षक को सौंपी गई है।
एफआईआर में घटनास्थल नगर पालिका परिषद, मुबारकपुर, आजमगढ़ बताया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब विवेचना के दौरान कथित दस्तावेजों की वास्तविकता और निविदा प्रक्रिया से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जाएगी।
अगला कदम: चाहें तो इसी खबर के लिए मैं �दमदार टेक्स्ट थंबनेल की लाइन भी तैयार कर सकता हूं।