कुकरौछी में 1.80 करोड़ से बनेगा बाढ़ बचाव नियंत्रण केंद्र

आजमगढ़ आजमगढ़ खास खबर आजमगढ़ ग्रामीण


प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने किया शिलान्यास, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीमों के ठहरने से लेकर प्राथमिक उपचार तक की होगी व्यवस्था

हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों को तेज और प्रभावी बनाने के लिए तहसील सगड़ी के ग्राम कुकरौछी में करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ बचाव नियंत्रण केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। सोमवार को प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने परियोजना का शिलान्यास किया। यह पहल जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की विशेष पहल पर क्रिटिकल गैप के मद से की गई है।


प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन की व्यवस्था अब केवल मुआवजा और राहत वितरण तक सीमित नहीं है। सरकार ने इसे त्वरित बचाव, बेहतर समन्वय और आधुनिक संसाधनों से लैस रिस्पांस सिस्टम के रूप में विकसित किया है। एसडीआरएफ से लेकर हाईटेक बाढ़ कमांड सेंटर तक व्यवस्था को मजबूत किया गया है।


बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहली बार बनेगा सरकारी ठिकाना
जिला प्रशासन के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में अब तक कोई सरकारी भवन उपलब्ध नहीं था। आपदा के समय प्रभावित लोगों और राहत-बचाव टीमों को निजी भवनों में ठहरना पड़ता था। कुकरौछी में बनने वाला केंद्र इस कमी को दूर करेगा और बाढ़ के दौरान राहत कार्यों के संचालन के लिए स्थायी आधार उपलब्ध कराएगा।


केंद्र में चार कमरे और शौचालय, एक डोरमेट्री, किचेन व डाइनिंग हॉल, मीटिंग हॉल तथा स्टोर रूम बनाया जाएगा। इससे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य राहत-बचाव टीमों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के नजदीक ही ठहरने की सुविधा मिलेगी।


राहत सामग्री और उपकरणों के सुरक्षित भंडारण की भी व्यवस्था
केंद्र में आपातकालीन उपकरण और राहत सामग्री सुरक्षित रखने की व्यवस्था होगी। इससे जरूरत पड़ने पर बचाव टीमों की तत्काल तैनाती, राहत सामग्री की उपलब्धता और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय में मदद मिलेगी।


53.58 लाख से बनेगा आपातकालीन स्वास्थ्य केंद्र
बाढ़ बचाव नियंत्रण केंद्र परिसर में 53.58 लाख रुपये की लागत से दो कक्षों वाला आपातकालीन स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार केंद्र और बाउंड्रीवाल का निर्माण भी शुरू हो चुका है। एक कक्ष में प्राथमिक उपचार सामग्री के लिए स्टोर और दूसरे में शौचालय समेत फर्स्ट एड की सुविधा होगी। बाढ़ के दौरान प्रभावित लोगों को मौके पर ही तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने में यह केंद्र अहम भूमिका निभाएगा।


केंद्र तक पहुंचेगी राहत सामग्री, ऊंची होगी भूमि
मुख्य मार्ग से बाढ़ बचाव केंद्र तक संपर्क मार्ग बनाने, सड़क की फीलिंग और भूमि को निर्धारित स्तर तक ऊंचा करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। इससे बाढ़ के दौरान एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमों, एंबुलेंस व अन्य आपातकालीन वाहनों के साथ राहत सामग्री और उपकरणों को केंद्र तक पहुंचाने में आसानी होगी।


जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के निर्देशन में परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने का दावा किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय प्रभावित लोगों तक राहत, बचाव और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं तत्काल पहुंचाना है।


शिलान्यास कार्यक्रम में एसएसपी डॉ. अनिल कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह, पूर्व विधायक वंदना सिंह, अरविंद जायसवाल, मनीष मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *