यूरिया की कालाबाजारी पर किसान संगठनों का हमला, कृषि मंत्री के बयान को बताया भ्रामक

आजमगढ़ आजमगढ़ खास खबर


मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग, यूरिया की कृत्रिम किल्लत और किसानों से अवैध वसूली का लगाया आरोप
आजमगढ़। पूर्वांचल किसान यूनियन और सोशलिस्ट किसान सभा ने प्रदेश में यूरिया की उपलब्धता को लेकर कृषि मंत्री के बयान पर सवाल उठाते हुए उसे जमीनी हकीकत से अलग बताया है। दोनों संगठनों ने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर यूरिया नहीं मिल रही है और खुले बाजार में निर्धारित मूल्य से अधिक रकम वसूली जा रही है।
पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव विरेंद्र यादव और सोशलिस्ट किसान सभा के महासचिव राजीव यादव ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि धान की फसल के लिए इस समय किसानों को सबसे अधिक यूरिया की आवश्यकता है, लेकिन साधन सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं है। किसानों को रोजाना समितियों के चक्कर लगाने के बाद मजबूरन निजी दुकानों से महंगे दामों पर यूरिया खरीदनी पड़ रही है।
किसान नेताओं का आरोप है कि 236 रुपये प्रति बोरी की सरकारी कीमत वाली यूरिया के साथ जबरन जिंक और सल्फर के पैकेट जोड़कर किसानों से लगभग 600 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों और खाद विक्रेताओं पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
प्रेस बयान में कृषि मंत्री और कृषि विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। किसान संगठनों ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने तथा कथित अनियमितताओं और कालाबाजारी की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *