
50 से 90 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर 3.14 करोड़ रुपये निवेश कराए, 2.63 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप
आजमगढ़। आजमगढ़ पुलिस ने 3.14 करोड़ रुपये की निवेश ठगी के चर्चित मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर लोगों का विश्वास जीतने, भारी मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने तथा रकम वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के अनंतपुरा कटरा निवासी शेखर श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मातवरगंज स्थित एक फ्लैट से संचालित गिरोह के सदस्य विकास राय शर्मा, विशाल राय सहित अन्य लोगों ने खुद को कस्टम विभाग से जुड़ा बताते हुए निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये ठग लिए। आरोप है कि विकास राय ने फर्जी कस्टम पहचान पत्र और कूटरचित दस्तावेज दिखाकर भरोसा दिलाया कि दिल्ली में उनके रिश्तेदार कस्टम कमिश्नर हैं तथा तांबा, कपड़ा, सोना और मोबाइल के कारोबार में निवेश करने पर 50 से 90 प्रतिशत तक लाभ मिलेगा। शुरुआती दौर में कुछ लाभांश लौटाकर विश्वास कायम किया गया।
इसके बाद वादी शेखर श्रीवास्तव, उनके भाई जयन्त श्रीवास्तव और पिता अरुण कुमार श्रीवास्तव ने विभिन्न तिथियों में कुल 3 करोड़ 14 लाख रुपये आरोपियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किए। आरोपियों ने केवल 51 लाख रुपये वापस किए, जबकि 2 करोड़ 63 लाख रुपये नहीं लौटाए। रुपये वापस मांगने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में थाना कोतवाली में मु0अ0सं0 377/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने शनिवार को कंधरापुर बाजार से दोनों वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
विकास राय पुत्र अनिल राय, निवासी जोल्हापुर, थाना कंधरापुर, आजमगढ़।
विशाल राय पुत्र अनिल राय, निवासी जोल्हापुर, थाना कंधरापुर, आजमगढ़।