81.83 क्विंटल सरकारी राशन की कालाबाजारी का आरोप, कोटेदार पर मुकदमा

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जांच में स्टॉक से 72.99 क्विंटल चावल और 8.84 क्विंटल गेहूं कम मिलने का दावा

पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर आवश्यक वस्तु अधिनियम में कार्रवाई


आजमगढ़। जिले के मेहनगर क्षेत्र में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच के दौरान उचित दर दुकान के स्टॉक में करीब 81.83 क्विंटल खाद्यान्न कम मिलने के बाद पूर्ति विभाग ने कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामला मेहनगर विकास खंड के ग्राम पंचायत देवइत स्थित उचित दर दुकान से जुड़ा है। अभिलेख के अनुसार 11 जुलाई को पूर्ति विभाग की टीम ने उचित दर विक्रेता रंजना यादव पत्नी महेंद्र यादव की दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा से संबंधित सूचनाएं अद्यतन नहीं पाई गईं। जांच में यह भी सामने आया कि दुकान का संचालन विक्रेता के बजाय उनके पति के मकान से किया जा रहा था।
विभागीय जांच में वितरण अभिलेख और उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया गया। मौके पर टीन शेड के नीचे व मकान के बरामदे में 396 बोरी चावल, 57 बोरी गेहूं तथा करीब 1.29 क्विंटल चीनी मिलने का उल्लेख है। ई-पॉस मशीन और अन्य अभिलेखों के आधार पर किए गए मिलान में 72.99 क्विंटल चावल और 8.84 क्विंटल गेहूं, यानी कुल 81.83 क्विंटल खाद्यान्न कम पाए जाने का दावा किया गया है।
जांच के दौरान राशन कार्डधारकों के बयान भी दर्ज किए गए। अभिलेख में कई कार्डधारकों ने राशन मिलने की बात कही, जबकि स्टॉक में भारी अंतर पाए जाने पर विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता माना। आरोप है कि कम मिले खाद्यान्न को स्टॉक में न रखकर निजी हित में कालाबाजारी की गई।
पूर्ति विभाग ने मामले को आवश्यक वस्तु अधिनियम और उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण के नियंत्रण का विनियमन) आदेश के प्रावधानों का उल्लंघन माना है। जिलाधिकारी की अनुमति के बाद संबंधित थाने में उचित दर विक्रेता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। विभागीय जांच रिपोर्ट, स्टॉक सत्यापन, ई-पॉस मशीन रिपोर्ट और कार्डधारकों के दर्ज बयानों को जांच का आधार बनाया गया है।

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