पवई का दादा-पोता हत्याकांडः 24 घंटे बाद अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए परिजन

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सरकारी नौकरी, शस्त्र लाइसेंस व कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े थे परिजन व ग्रामीण


गांव में भारी संख्या में फोर्स थी तैनात, मान-मनौव्वल में जुटा रहा प्रशासनिक अमला


आजमगढ़। पवई थाना क्षेत्र के हेवती डिहवा गांव में गुरूवार/शुक्रवार की देर रात दादा-पोता की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी। पोता की जहां घर पर तो दादा का ट्यूबवेल पर लहुलुहान शव मिला था। शुक्रवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव घर पहुंचने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया था। प्रशासनिक अमले के मान-मनौव्वल पर लगभग 24 घंटे बाद शनिवार को दिन में एक बजे परिजन अंतिम संस्कार के लिए दोनों शव लेकर दुर्वासा धाम के लिए रवाना हुए।


हेवती डिहवा गांव निवासी श्रीवांशु उर्फ अंकित की गुरूवार/शुक्रवार की देर रात घर के बारामदे में सोते समय व उसके दादा जगदंबा प्रसाद की घर से 300 मीटर की दूरी पर स्थित ट्यूबवेल पर धारदार हथियार के हमला कर हत्या कर दी गई थी। घटना की जानकारी होने पर एसपी समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल में जुट गई थी। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुक्रवार की देर शाम मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा तो पूरे गांव में कोहराम मच गया। अंतिम दर्शन के लिए लोगों का रेला उमड़ पड़ा। पुलिस रात में ही अंतिम संस्कार कराने का प्रयास कर रही थी लेकिन परिजन परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी, शस्त्र लाइसेंस व हत्याकांड में शामिल आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिए।

पूरी रात गांव में फोर्स की तैनाती रही। आलाधिकारी परिजनों को समझाने में जुटे रहे। यहां तक कि जेल में बंद क्षेत्रीय विधायक की पत्नी रंजना यादव, प्रतिनिधि विजय बहादुर यादव, पूर्व विधायक श्याम बहादुर यादव के भाई शेर बहादुर यादव भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया। शनिवार की सुबह सीओ किरनपाल व एसडीएम अशोक कुमार भी गांव में पहुंच कर परिजनों को मनाने में जुट गए। दोपहर लगभग एक बजे परिजन एसडीएम के आश्वासन पर माने और दादा-पोता के शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर दुर्वासा धाम रवाना हुए।

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