
चिकित्सक की योग्यता और पंजीकरण के दस्तावेज नहीं मिले, जांच में दो केंद्र अपंजीकृत और एक में मिलीं एलोपैथिक दवाएं
तीन दिन में मानक पूरे करने का अल्टीमेटम, पालन नहीं करने पर सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
हिंदी न्यूज़ 24
बरदह/आजमगढ़। जिले में अवैध और अपंजीकृत चिकित्सा प्रतिष्ठानों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। ठेकमा स्थित जनता हॉस्पिटल में वैध पंजीकरण और चिकित्सक की योग्यता से संबंधित आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर अस्पताल की ओपीडी, आईपीडी और मुख्य प्रवेश द्वार को सील कर दिया गया। वहीं, जांच में अनियमितताएं मिलने पर तीन अन्य चिकित्सा प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर निर्धारित मानकों का पालन करने और आवश्यक वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत डिप्टी सीएमओ एवं निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों के नोडल अधिकारी डॉ. मोहनलाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ठेकमा स्थित जनता हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल का वैध पंजीकरण नहीं मिला। इसके अलावा वहां उपलब्ध चिकित्सक की योग्यता और वैधता की पुष्टि के लिए जरूरी दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इन अनियमितताओं के आधार पर स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल की ओपीडी, आईपीडी और मुख्य प्रवेश द्वार को सील कर दिया गया।
दो केंद्र अपंजीकृत, एक में मिलीं एलोपैथिक दवाएं
कार्रवाई के दौरान आकाश चाइल्ड केयर, जीवली स्थित आरएम हेल्थ केयर और ठेकमा स्थित रॉयल चिकित्सालय को नोटिस जारी किया गया। जांच में आकाश चाइल्ड केयर और आरएम हेल्थ केयर अपंजीकृत पाए गए। वहीं, रॉयल चिकित्सालय का पंजीकरण आयुष चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत होने के बावजूद परिसर में एलोपैथिक दवाएं मिलीं। एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के लिए आवश्यक पंजीकरण भी उपलब्ध नहीं था। स्वास्थ्य विभाग ने इसे नियमों के अनुपालन में गंभीर अनियमितता मानते हुए संबंधित प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया।
तीन दिन का अल्टीमेटम, नहीं तो होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस प्राप्त होने की तिथि से तीन दिन के भीतर आवश्यक वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। तय समय में कमियां दूर नहीं करने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को सील करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध और अनधिकृत चिकित्सा प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के निजी अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि चिकित्सा प्रतिष्ठानों के पंजीकरण, चिकित्सकों की योग्यता और निर्धारित चिकित्सा मानकों के पालन को लेकर जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।