
22 अक्टूबर की शाम तक सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे चालू करने का निर्देश, 13,344 अभ्यर्थी होंगे शामिल
नकलविहीन परीक्षा के लिए जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने सेक्टर व स्टैटिक मजिस्ट्रेटों और केंद्र व्यवस्थापकों को सौंपी जिम्मेदारी, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 को निष्पक्ष, नकलविहीन और सकुशल सम्पन्न कराने के लिए जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों के साथ बैठक की। जिले के 30 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होने वाली परीक्षा में कुल 13,344 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि 22 अक्टूबर की शाम तक सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे हर हाल में क्रियाशील कर दिए जाएं। केंद्रों पर बिजली, पेयजल, साफ-सफाई और शौचालय सहित सभी आवश्यक सुविधाएं समय से सुनिश्चित की जाएं। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी लगाने और उसका समय सही रखने के भी निर्देश दिए गए। बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने वाले कर्मचारियों और कक्ष निरीक्षकों की सूची परीक्षा से पहले उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि उनका सत्यापन कराया जा सके।
25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर को होगी परीक्षा
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, लखनऊ की ओर से पीईटी-2026 की लिखित परीक्षा 25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक होगी।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्धारित समय पर अपने ड्यूटी प्वाइंट पर पहुंचने और जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का निर्देश दिया। स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को प्रत्येक परीक्षा तिथि पर सुबह छह बजे तक अपने आवंटित केंद्र पर पहुंचना होगा। वहां पहुंचने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में स्थापित परीक्षा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 9454417172 या जिला विद्यालय निरीक्षक के सीयूजी नंबर 9454457337 पर उपस्थिति की सूचना देनी होगी।
सेक्टर मजिस्ट्रेटों को अपने आवंटित केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का सत्यापन करने और परीक्षा के दौरान भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए। केंद्र व्यवस्थापक परीक्षा को नकलविहीन और व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए जिम्मेदार होंगे।
केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में रहेगी सख्ती
जिलाधिकारी ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा प्रभावी है। इसके अनुसार परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में, जरूरत पड़ने पर इससे बाहर भी, अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा की तिथियों में निर्धारित क्षेत्र की फोटोस्टेट और कॉपीयर की दुकानें बंद रहेंगी। मोबाइल फोन, पेजर, शस्त्र और अन्य प्रतिबंधित सामग्री लेकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं किया जा सकेगा। केंद्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल और अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों के संचालन पर भी नियमानुसार रोक रहेगी।
एसडीएम सदर, सगड़ी, निजामाबाद और बूढ़नपुर को अपने-अपने क्षेत्रों में परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करने तथा शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसी स्थिति में भारतीय न्याय संहिता, 2023 और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संजय चावला, मुख्य कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार सहित सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।