

अंतरजनपदीय गिरोह के दो आरोपियों से तमंचा, कारतूस, चोरी का सामान और ऑटो बरामद करने का पुलिस का दावा
क्रॉसर: आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर में दीपक पर 13, जबकि दिनेश उर्फ लकी पर 16 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कप्तानगंज पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान चोरी की घटनाओं में कथित रूप से संलिप्त अंतरजनपदीय गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई में दोनों के बाएं पैर में गोली लगी। घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। उनकी पहचान दीपक उर्फ देवदत्त गोड और दिनेश कुमार उर्फ लकी के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, 18/19 अक्टूबर की रात थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार पुलिस टीम के साथ देउरपुर से कोयलसा जाने वाले मार्ग पर जफरामऊ बाग तिराहे के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक ऑटो को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने गति बढ़ा दी। पुलिस ने दोबारा रोकने का प्रयास किया तो ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे रुक गया। पुलिस का दावा है कि ऑटो से उतरे दोनों व्यक्तियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, चोरी का सामान और वारदात में प्रयुक्त ऑटो रिक्शा बरामद करने का दावा किया है। फील्ड यूनिट घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस पूछताछ के अनुसार, जेल से छूटने के बाद दीपक की मुलाकात अपने पुराने साथी दिनेश से हुई थी। इसके बाद दोनों कथित तौर पर फिर चोरी की घटनाओं में शामिल हो गए। पुलिस का कहना है कि दोनों ऑटो से घूमकर ऐसे घरों की रेकी करते थे, जहां आभूषण और नकदी मिलने की संभावना रहती थी। इसके बाद रात में चोरी कर सामान आपस में बांट लेते थे।
पुलिस के मुताबिक, कुछ दिन पहले दोनों ने एकडंगी गांव के एक घर से आभूषण और नकदी चोरी की थी। चोरी के बाद दिनेश ने आभूषण सुरक्षित स्थान पर रख दिए थे। गिरफ्तारी के समय दोनों कथित तौर पर उन्हीं आभूषणों को लेने जा रहे थे। इस मामले समेत अन्य घटनाओं में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, दिनेश उर्फ लकी पहले भी मोटरसाइकिल चोरी, घरों से आभूषण और नकदी चोरी तथा मोबाइल-लैपटॉप चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। वर्ष 2020 में रौनापार थाना क्षेत्र के भैसाड़ गांव में दो घरों से आभूषण और नकदी चोरी के मामलों में दीपक और दिनेश अपने साथियों के साथ आरोपी रहे हैं। वर्ष 2022 में सिधारी पुलिस ने एक मामले में गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर चोरी के 16 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया था। दोनों के खिलाफ पूर्व में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है।
पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए आपराधिक इतिहास के अनुसार, दीपक उर्फ देवदत्त गोड के खिलाफ आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर में कुल 13 अभियोग दर्ज हैं, जबकि दिनेश कुमार उर्फ लकी के खिलाफ 16 अभियोग या प्रकरण दर्ज बताए गए हैं। इनमें चोरी, चोरी का सामान रखने, शस्त्र अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न मामलों का उल्लेख है।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम का नेतृत्व थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने किया। पुलिस मामले में आगे की विवेचना और विधिक कार्रवाई कर रही है।