आजमगढ़ कचहरी में मुकदमे की पैरवी के दौरान मारपीट, दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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बयान दर्ज कराने को लेकर हुआ विवाद, अधिवक्ताओं के हस्तक्षेप से बची पीड़ित की जान, जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में प्रार्थना पत्र देने के बाद कोतवाली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। कचहरी परिसर में मुकदमे की पैरवी के दौरान बयान दर्ज कराने को लेकर हुए विवाद में मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पीड़ित वीरेंद्र यादव की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के अनुसार, घटना 27 मई 2026 की सुबह करीब 9:20 बजे न्यायालय के बरामदे में हुई थी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 14 अक्टूबर 2026 को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
एफआईआर के मुताबिक, निजामाबाद थाना क्षेत्र के रेवरापरवेजपुर गांव निवासी वीरेंद्र यादव 27 मई को कचहरी स्थित अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या-10 के बरामदे में अपने मुकदमे की पैरवी के लिए खड़े थे। इसी दौरान निजामाबाद थाना क्षेत्र के असिलपुर गांव निवासी कमलेश यादव और गंभीरपुर थाना क्षेत्र के ईश्वरपुर गांव निवासी प्रियंका उर्फ पिंकी वहां पहुंचे।
बयान दर्ज कराने को लेकर शुरू हुआ विवाद
शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोनों ने उनसे मां-बहन की गालियां देते हुए कहा कि उनकी जानकारी के बिना मुकदमे की पत्रावली में उनका बयान कैसे दर्ज कराया गया। वीरेंद्र यादव के अनुसार, उन्होंने कहा कि उन्होंने कहीं भी उनका बयान दर्ज नहीं कराया है। आरोप है कि इसके बाद प्रियंका और उनके पूर्व पति कमलेश यादव ने मिलकर उन्हें लात-घूंसों से मारना शुरू कर दिया।
पीड़ित के शोर मचाने पर मौके पर मौजूद पुष्पेंद्र, महताब समेत अन्य अधिवक्ता एकत्र हो गए और बीच-बचाव किया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों आरोपी उन्हें मुकदमे की पैरवी करने से रोक रहे थे और जान से मारने की धमकी भी दे रहे थे।
पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का लगाया आरोप
वीरेंद्र यादव ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने के बावजूद शुरुआत में उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और न ही चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। उनका कहना है कि 29 मई 2026 को जिला अस्पताल में चोटों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया था। इसके बाद 6 जून को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़ को रजिस्ट्री के माध्यम से शिकायत भेजी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर कोतवाली पुलिस ने 14 अक्टूबर 2026 को कमलेश यादव और प्रियंका उर्फ पिंकी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 352, 351(3) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में उपनिरीक्षक चंद्र प्रकाश कश्यप को विवेचना सौंपी गई है।

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