
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमरे में बंद लोगों को छुड़ाया, दोनों पक्षों को थाने ले जाकर शुरू की जांच
हिंदी न्यूज़ 24
बरदह/आजमगढ़। बरदह थाना क्षेत्र के दुलारगंज बाजार में सोमवार को रिहायशी मकान और दुकान पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। एक पक्ष ने पड़ोसी गांव के दर्जनों लोगों पर जबरन मकान और दुकान में घुसकर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करने, पांच लोगों को कमरे में बंद करने और दुकान का सामान तोड़फोड़ कर बाहर फेंकने का आरोप लगाया है। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने कमरे में बंद लोगों को बाहर निकाला। पुलिस दोनों पक्षों के लोगों को थाने ले जाकर मामले की जांच में जुटी है।

दर्जनों लोगों के जबरन घुसने का आरोप
दुलारगंज बाजार निवासी विजय सेठ के रिहायशी मकान में सब्जी और ज्वेलरी की दुकान संचालित होती है। पीड़ित अतुल सोनी के मुताबिक, सराय परसौली गांव निवासी प्रेमचंद यादव ने वर्ष 2019 में उक्त मकान की रजिस्ट्री कराई थी। सोमवार को प्रेमचंद यादव अपने परिवार और अन्य लोगों के साथ मकान-दुकान पर पहुंचे। अतुल सोनी का आरोप है कि करीब 15 महिलाओं और 20 पुरुषों ने जबरन घर में घुसकर परिवार के सदस्यों को बाहर निकालना शुरू कर दिया।
आरोप है कि इस दौरान उनकी पत्नी 30 वर्षीय नेहा सोनी, दो वर्षीय पुत्र चीकू, पांच माह की पुत्री तृष्णा सहित परिवार के अन्य सदस्यों को कमरे में बंद कर दिया गया। परिवार के लोगों के साथ मारपीट कर उन्हें घायल करने और दुकान में रखा सब्जी सहित अन्य सामान सड़क पर फेंकने का भी आरोप लगाया गया है।

सीसीटीवी कैमरे तोड़ने का भी आरोप
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मकान में लगे सात सीसीटीवी कैमरों को लाठी-डंडों से तोड़ दिया गया। कैमरों का डीवीआर पुलिस अपने साथ थाने ले गई। अतुल सोनी ने आरोप लगाया कि मौके पर पहुंचे लोगों के पास लाठी-डंडे, चेन और असलहा भी था। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे में बंद लोगों को बाहर निकाला।
पुलिस मौके से विजय सोनी, किरन देवी और शिवा सहित दूसरे पक्ष के प्रेमचंद यादव, लीलावती और योगेश यादव समेत कई लोगों को थाने ले गई।

पहले भी कब्जे के प्रयास का आरोप
अतुल सोनी का कहना है कि करीब दो वर्ष पहले भी आरोपित पक्ष ने जबरन कब्जा करने का प्रयास किया था। उस मामले में स्थानीय थाने में 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। मकान के स्वामित्व और मारपीट से संबंधित मामला दीवानी न्यायालय में विचाराधीन होने की बात भी पीड़ित पक्ष ने कही है।
दूसरे पक्ष ने रजिस्ट्री और अदालती फैसले का दिया हवाला
वहीं, दूसरे पक्ष के प्रेमचंद यादव का कहना है कि उन्होंने विजय सोनी से उक्त मकान की रजिस्ट्री कराई है। उनके अनुसार, दीवानी न्यायालय का फैसला भी उनके पक्ष में आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार मकान खाली करने के लिए बातचीत की गई, लेकिन मकान खाली नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने शिकायत भी की थी।
पुलिस कर रही मामले की जांच
थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने बताया कि मकान पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ है। दोनों पक्षों की ओर से तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।