
समान काम के लिए समान वेतन, नियमितीकरण और सामाजिक सुरक्षा की मांग, प्रदेश स्तरीय धरने में शामिल होने लखनऊ रवाना हुए सैकड़ों कर्मचारी
सीएमओ कार्यालय परिसर में जुटे संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों का छह सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज होता जा रहा है। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले सीएमओ कार्यालय परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन शनिवार को लगातार चल रहा है। सुबह 10 बजे से ही सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी परिसर में जुटने लगे। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र कुमार ने कहा कि संविदा कर्मचारी लंबे समय से समान कार्य के लिए समान वेतन, ग्रेच्युटी, ईपीएफ, ईएसआई, आयुष्मान भारत योजना का लाभ और नियमितीकरण जैसी मांगें उठा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को उनके काम के अनुरूप सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।
आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर समायोजन की मांग
कर्मचारी नेताओं ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर कर्मचारियों का समायोजन करने की मांग उठाई। साथ ही आठ, 10 और 15 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को लॉयल्टी बोनस देने की मांग भी दोहराई। उनका कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वाले संविदा कर्मचारियों को रोजगार की सुरक्षा और सम्मानजनक सुविधाएं मिलनी चाहिए।
लखनऊ के इको गार्डेन में भी बुलंद होगी आवाज
जिलाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आजमगढ़ से भी सैकड़ों की संख्या में NHM कर्मचारी लखनऊ स्थित इको गार्डेन में आयोजित प्रदेश स्तरीय धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी छह सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक कार्य बहिष्कार और आंदोलन जारी रहेगा।
सीएमओ कार्यालय परिसर में हुए धरना-प्रदर्शन में डॉ. ओपी जायसवाल, डॉ. उपेंद्र दुबे, सुजीत, रिशा, अनुपम, श्वेता समेत संघ के अनेक पदाधिकारी और सैकड़ों संविदा स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।