
सचिन यादव की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान सामने आई पुलिस की लापरवाही
12 अक्टूबर को एसपी आजमगढ़, थानाध्यक्ष महाराजगंज और पीआरओ को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने का आदेश
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। इलाहाबाद हाईकोर्ट में सरकारी वकील को फोन पर कथित तौर पर ‘अनपढ़’ कहने का मामला पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के पीआरओ को भारी पड़ गया। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए पुलिस अधीक्षक आजमगढ़, थानाध्यक्ष महाराजगंज और पीआरओ को 12 अक्टूबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है।
मामला महाराजगंज थाने से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार सचिन यादव पर आरोप है कि जिस युवती से उसका विवाह तय हुआ था, विवाह की बात टूटने के बाद उसने युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसी मामले में सचिन यादव की जमानत अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही थी।
विवेचक के खिलाफ पहले जारी हुआ था गैर जमानती वारंट
जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले के विवेचक विनय कुमार मिश्रा के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया था। बाद में विवेचक हाईकोर्ट में उपस्थित हुए और बताया कि उन्हें जारी किए गए वारंट की जानकारी नहीं थी।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले की पुलिस कार्रवाई और विवेचना से संबंधित स्थिति को देखा। हाईकोर्ट के समक्ष यह बात सामने आई कि मामले में थानाध्यक्ष महाराजगंज और पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ की ओर से भी लापरवाही हुई है।
सरकारी वकील ने बताई पीआरओ की कथित टिप्पणी
इसी दौरान मामले की पैरवी कर रहे एजीए अनुराग पांडेय ने न्यायालय को बताया कि पुलिस अधीक्षक से संबंधित जानकारी के लिए फोन करने पर उनके पीआरओ ने कथित तौर पर उन्हें ‘अनपढ़’ कह दिया।
सरकारी अधिवक्ता द्वारा न्यायालय के समक्ष यह बात रखे जाने पर न्यायमूर्ति अरुण कुमार देशवाल ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया।
12 अक्टूबर को कोर्ट में होगी पेशी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस अधीक्षक आजमगढ़, थानाध्यक्ष महाराजगंज और पुलिस अधीक्षक के पीआरओ को आगामी 12 अक्टूबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। मामले में अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं।