
एससी-एसटी कोर्ट ने सुनाई सजा, 40 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया; जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को मिलेगी हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। अनुसूचित जाति की युवती के साथ दुराचार के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद एससी-एसटी कोर्ट ने आरोपी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया गया है। यह फैसला एससी-एसटी कोर्ट के न्यायाधीश विजय कुमार वर्मा ने मंगलवार को सुनाया।
अभियोजन के अनुसार, जहानागंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 19 वर्षीय युवती 19 मई 2023 की रात करीब साढ़े दस बजे गांव में आयोजित पूजा में शामिल होने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी अभिषेक चौहान ने युवती को छत पर अकेला पाकर उसके साथ जबरदस्ती दुराचार किया। घटना के बाद पीड़िता बेहोश हो गई।
परिजनों ने पीड़िता को कोल्हुखोर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। होश में आने के बाद पीड़िता ने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने मामले की शिकायत की। अभियोजन के अनुसार, शिकायत किए जाने पर आरोपी की ओर से पीड़िता के परिजनों को जातिसूचक गालियां भी दी गईं।
मामले में पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक आलोक त्रिपाठी और अधिवक्ता वंश गोपाल सिंह ने कुल छह गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी अभिषेक चौहान को दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अर्थदंड की आधी राशि पीड़िता को दिए जाने का भी आदेश दिया।