
अदालत ने गंभीर चोट पहुंचाने का दोषी मानते हुए सुनाया फैसला, 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया; पूरी राशि पीड़ित को मिलेगी
2014 में शौच कर घर लौट रहे वलीउल्लाह को रास्ते में मारी गई थी गोली, अभियोजन ने पेश किए आठ गवाह
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। कातिलाना हमले के एक मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने आरोपी को गंभीर रूप से चोट पहुंचाने का दोषी पाया है। अदालत ने आरोपी मुस्लिम को पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की पूरी राशि पीड़ित को दिए जाने का आदेश दिया गया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट नंबर-1 अजय कुमार शाही ने मंगलवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पवई थाना क्षेत्र के महुआ गांव निवासी वलीउल्लाह एक दिसंबर 2014 की रात शौच करने के बाद घर लौट रहा था। आरोप है कि इसी दौरान रास्ते में गांव के ही मुस्लिम और हिटलर ने उसे रोक लिया। दोनों ने वलीउल्लाह के साथ गाली-गलौज की और इसी दौरान उसके पैर में गोली मार दी।
गोली लगने से वलीउल्लाह घायल हो गया। घटना के बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने प्रकरण की विवेचना शुरू की और जांच पूरी करने के बाद आरोपी मुस्लिम के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह ने अदालत में कुल आठ गवाहों को परीक्षित कराया। अभियोजन ने गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के माध्यम से आरोपी पर लगाए गए आरोपों को साबित करने का प्रयास किया।
मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी मुस्लिम को गंभीर रूप से चोट पहुंचाने का दोषी पाया। अदालत ने उसे पांच वर्ष के सश्रम कारावास तथा 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़ित को दिए जाने का आदेश दिया।