निलंबन के अगले ही दिन प्रधानाध्यापक को राहत, आदेश निरस्त

आजमगढ़ शहर


कथित अनियमितताओं की शिकायत पर हुई थी कार्रवाई, अब संयुक्त जांच में खुलेगा सच

हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। अजमतगढ़ शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नरहमखास के प्रधानाध्यापक जसवंत कुमार के निलंबन का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक ने सात सितंबर को जारी निलंबन आदेश को संशोधित करते हुए प्रधानाध्यापक का निलंबन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की संयुक्त जांच के लिए मेहनगर और तहबरपुर के खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
दरअसल, खंड शिक्षा अधिकारी अजमतगढ़ ने 22 अगस्त को विभाग को भेजी रिपोर्ट में प्राथमिक विद्यालय नरहमखास में कथित अनियमितताओं और स्वेच्छाचारिता समेत कई गंभीर बिंदुओं का उल्लेख किया था। शिकायतों में मिड-डे मील तैयार करने के लिए गैस चूल्हे के बजाय लकड़ी का इस्तेमाल किए जाने के साथ ही विद्यालय में छात्र-शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यालय संचालन से संबंधित आरोप भी शामिल थे।
इन शिकायतों के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के आदेश संख्या 10420-24/2026-27 के तहत सात सितंबर को प्रधानाध्यापक जसवंत कुमार को निलंबित कर दिया गया था। लेकिन कार्रवाई के तुरंत बाद ही प्रकरण में नया तथ्य सामने आने से विभाग को अपना फैसला बदलना पड़ा।
संशोधित आदेश में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उल्लेख किया है कि निलंबन तथ्य गोपन एवं कूटरचना के आधार पर कराया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व में जारी निलंबन आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।
अब पदेन खंड शिक्षा अधिकारी मेहनगर और तहबरपुर को संयुक्त रूप से जांच अधिकारी बनाया गया है। दोनों अधिकारियों को विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण कर शिकायतों में लगाए गए आरोपों की बिंदुवार जांच करने तथा स्पष्ट आख्या एवं संस्तुति के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय जांच रिपोर्ट के बाद ही यह साफ होगा कि विद्यालय में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई थी और निलंबन की कार्रवाई किन तथ्यों के आधार पर कराई गई। फिलहाल निलंबन निरस्त होने के साथ ही मामला जांच की मेज पर पहुंच गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *