
एनजीओ के माध्यम से सरकारी स्कूलों में योगा क्लास में नौकरी दिलाने का झांसा, प्रति अभ्यर्थी 1.35 लाख रुपये लेने का आरोप
पीड़ितों का दावा– फर्जी दस्तावेज थमाकर कराया इंतजार, खुलासा होने पर आरोपी हुए फरार
आजमगढ़। मुबारकपुर थाना क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में योगा क्लास में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित रूप से बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पीड़िता सुजाता जायसवाल की तहरीर पर पुलिस ने ओम प्रकाश गुप्ता, संदीप गुप्ता, गणेश उपाध्याय, कौशल उपाध्याय और राजेन्द्र चौहान समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
मुबारकपुर थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार नामजद आरोपियों ने वर्ष 2025 में एक एनजीओ के माध्यम से सरकारी विद्यालयों के योगा क्लास में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से 1.35 लाख रुपये जमा कराए गए। बाद में कथित तौर पर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर तैयार कर विभिन्न विद्यालयों में भेजा गया। विद्यालय पहुंचने पर दस्तावेजों की जांच में उनके फर्जी होने की जानकारी मिली, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
17 पीड़ितों ने लगाया ठगी का आरोप
एफआईआर में जिन लोगों को पीड़ित बताया गया है, उनमें सुनीता जायसवाल, पवन कुमार राजभर, अंजली वर्मा, साधना देवी, प्रियंका वर्मा, कनक पाण्डेय, रेनू जायसवाल, दीपू कुमार मिश्रा, सिमरन मधेशिया, राजेश कुमार, आदित्य मौर्य, प्रिया जायसवाल, रुक्मणी देवी, रूपा जायसवाल, राहुल गौड़, वंदना जायसवाल और सोनम वर्मा शामिल हैं। सभी ने नौकरी दिलाने के नाम पर धनराशि दिए जाने की बात कही है।
संगठित तरीके से ठगी का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नामजद आरोपी संगठित तरीके से लोगों को सरकारी नौकरी का भरोसा दिलाकर रुपये वसूलते थे। बाद में फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर उन्हें विभिन्न विद्यालयों में भेजा गया। जब दस्तावेजों की जांच हुई तो उनके फर्जी होने का पता चला। इसके बाद पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगे, लेकिन आरोपी कथित रूप से फरार हो गए।
पुलिस ने शुरू की जांच
मुबारकपुर थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।