
माफी मांगने के बाद दोबारा राजनीतिक बयान जारी करने का दबाव डालने का आरोप, पोस्ट डिलीट कर अकाउंट निष्क्रिय करने की बात
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। सोशल मीडिया पर राजनीतिक व्यंग्य वाली पोस्ट करने के बाद एक 21 वर्षीय छात्र ने कथित धमकी, गाली-गलौज, फोन कॉल और राजनीतिक बयान जारी करने के लिए दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर आजमगढ़ में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में निमो यादव उर्फ @drnimoyadav का नाम आरोपी के रूप में दर्ज है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 352, 351(4) और आईटी एक्ट की धारा 66C के तहत कार्रवाई दर्ज है।
राहुल गांधी से जुड़े मुद्दे पर की थी व्यंग्यात्मक टिप्पणी
एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता दुर्गेश सिंह पुत्र अमित कुमार सिंह, निवासी आईटीआई गेट बलरामपुर, पठकौली के पास, ने 25 अगस्त की रात सोशल मीडिया पर राहुल गांधी से संबंधित बयानों और हिजाब समेत कुछ सार्वजनिक मुद्दों को लेकर चल रही चर्चा देखी थी। इसके बाद उन्होंने इन मुद्दों को लेकर राजनीतिक व्यंग्य के तौर पर सोशल मीडिया पर टिप्पणी पोस्ट की थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि अगले दिन 26 अगस्त की रात से उन्हें कई सोशल मीडिया अकाउंटों से धमकी और आपत्तिजनक संदेश मिलने लगे। शिकायत में कहा गया है कि कुछ अकाउंट स्वयं को कांग्रेस या इंडियन यूथ कांग्रेस से जुड़ा बताते थे। इनमें निमो यादव (@drnimoyadav) का भी उल्लेख किया गया है।
तीन कॉल ठुकराने के बाद हुई करीब 10 मिनट बात
दुर्गेश का आरोप है कि निमो यादव की ओर से उन्हें सोशल मीडिया पर संदेश भेजने के बाद लगातार फोन किया गया। तीन कॉल अस्वीकार करने के बाद हुई करीब 10 मिनट की बातचीत में उन्होंने खुद को छात्र बताते हुए परिवार की परिस्थितियों और पहले ही माफी मांगने की जानकारी दी।
आरोप है कि इसके बाद उनसे पुरानी माफी हटाकर एक और राजनीतिक बयान जारी करने का दबाव बनाया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार जब उन्होंने ऐसा करने में असमर्थता जताई तो कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
दूसरे सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी मांगने का भी आरोप
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि शिकायतकर्ता से chixxsays नामक सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने वाले व्यक्ति का मोबाइल नंबर और निजी जानकारी भी मांगी गई। जानकारी देने से इनकार करने पर कथित तौर पर दोबारा निशाना बनाने और परेशान करने की धमकी दी गई।
लगातार कथित धमकी और दबाव के चलते शिकायतकर्ता ने संबंधित पोस्ट हटाने के साथ अपना सोशल मीडिया अकाउंट भी निष्क्रिय कर दिया। उन्होंने पुलिस को स्क्रीनशॉट, अकाउंट लिंक, कॉल डिटेल, रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है।
बेंगलुरु में भी शिकायत दिए जाने का एफआईआर में जिक्र
शिकायतकर्ता ने एफआईआर में दावा किया है कि कर्नाटक प्रदेश यूथ कांग्रेस कमेटी लीगल सेल की ओर से 27 अगस्त को बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स थाने में उनके सोशल मीडिया हैंडल/पोस्ट को लेकर शिकायत दी गई थी। उन्होंने आशंका जताई है कि उनके साथ हुई कथित धमकी और दबाव की घटनाओं का संबंध कांग्रेस/IYC से जुड़े लोगों से हो सकता है। साथ ही उन्होंने इस संबंध की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
एफआईआर संख्या 0480 दिनांक 15 सितंबर 2026 को दर्ज की गई। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 352, 351(4) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C लगाई गई है। मामले की जांच निरीक्षक अनुराग कुमार को सौंपी गई है।