24 वर्षीय विक्रम की जिला कारागार में बिगड़ी तबीयत के बाद मौत, परिजनों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
आजमगढ़ | मंडलीय जिला कारागार, आजमगढ़ में बंद 24 वर्षीय कैदी विक्रम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं मृतक के परिजनों ने मौत पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और वास्तविक कारणों के खुलासे की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, विक्रम निवासी नया चौक, थाना दोहरीघाट, जनपद मऊ था। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र में दर्ज एक चोरी के मामले में उसके खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था। वारंट के अनुपालन में पुलिस ने तीन दिन पहले उसे गिरफ्तार कर मंडलीय जिला कारागार भेजा था।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को जेल के अंदर अचानक विक्रम की तबीयत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के परिजनों का कहना है कि विक्रम पूरी तरह स्वस्थ था और जेल भेजे जाने से पहले उसे किसी गंभीर बीमारी की शिकायत नहीं थी। ऐसे में अचानक हुई मौत कई सवाल खड़े कर रही है। परिजनों ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने, सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने तथा मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा करने की मांग की है।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने कहा कि निष्पक्ष जांच के बिना उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। उनका कहना है कि यदि घटना की गहराई से जांच नहीं कराई गई तो सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी।
वहीं पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। फिलहाल मामले में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।