
सठियांव स्थित आर्य नंदिनी नर्सिंग होम का मामला, परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
आजमगढ़। जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के सठियांव स्थित आर्य नंदिनी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बलिया-लखनऊ मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिना सूचना दूसरे अस्पताल रेफर करने का आरोप
मृतका की पहचान रामदुलारी के रूप में हुई है। वह मऊ जिले के घोसी क्षेत्र की रहने वाली थीं। मृतका के पति जयहिंद व अन्य परिजनों का आरोप है कि रामदुलारी को हर्निया की शिकायत के बाद सठियांव स्थित आर्य नंदिनी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। यहां डॉ. गुलाब चौहान की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान महिला की हालत बिगड़ गई, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने समय रहते परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी। आरोप है कि हालत गंभीर होने पर परिजनों को सूचित किए बिना ही महिला को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जानकारी मिलने पर जब परिवार के लोग पहुंचे तो महिला को दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई।
महिला की मौत के बाद फूटा गुस्सा, सड़क पर उतरे परिजन
रामदुलारी की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग नर्सिंग होम के पास एकत्र हो गए और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बलिया-लखनऊ मुख्य मार्ग जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।जाम के कारण मुख्य मार्ग पर कुछ समय तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने समझाकर खुलवाया जाम
हंगामे और सड़क जाम की सूचना मिलते ही मुबारकपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया। काफी समझाने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और सड़क से हटे। इसके बाद बलिया-लखनऊ मार्ग पर यातायात सामान्य हो सका।
परिजनों की तहरीर पर मुकदमा, जांच शुरू
क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
घटना के बाद क्षेत्र में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही निजी अस्पतालों की नियमित जांच कर स्वास्थ्य सेवाओं और मानकों की निगरानी किए जाने की मांग भी उठाई गई है।

