
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाया गंभीर लापरवाही का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच
दोपहर 12:30 बजे ऑपरेशन की सहमति लेकर जमा कराए 10 हजार रुपये, रात पौने नौ बजे हुआ ऑपरेशन; पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी पुलिस
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। रानी की सराय थाना क्षेत्र के महमूदपुर गांव के पास लखनऊ हाईवे किनारे स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के बाद मंगलवार रात परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर ऑपरेशन करने में करीब आठ घंटे की देरी और गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को शांत कराया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुबह सात बजे कराया भर्ती, रात में हुआ ऑपरेशन
रानी की सराय थाना क्षेत्र के सेठवल निवासी राजनारायण जायसवाल के अनुसार, वह पिछले एक वर्ष से अपनी पत्नी शालिनी जायसवाल का इसी अस्पताल में इलाज करा रहे थे। मंगलवार सुबह करीब सात बजे उन्होंने प्रसव के लिए पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों का आरोप है कि दोपहर 12 बजे तक अस्पताल के कर्मचारी सामान्य प्रसव होने की बात कहते रहे। इसके बाद दोपहर करीब 12:30 बजे ऑपरेशन के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए और 10 हजार रुपये जमा करा लिए गए।
ऑपरेशन में देरी का आरोप, गर्भ में ही नवजात की मौत
राजनारायण जायसवाल का आरोप है कि ऑपरेशन की सहमति लेने और रुपये जमा कराने के बावजूद तत्काल ऑपरेशन नहीं किया गया। उनके मुताबिक, रात करीब पौने नौ बजे ऑपरेशन किया गया, लेकिन तब तक गर्भ में ही नवजात की मौत हो चुकी थी। नवजात की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते ऑपरेशन कर दिया गया होता तो नवजात की जान बच सकती थी।
अस्पताल परिसर में हंगामा, निष्पक्ष जांच की मांग
नवजात की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंची रानी की सराय थाना पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया।
तहरीर के आधार पर जांच में जुटी पुलिस
रानी की सराय थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर प्राप्त हो गई है। नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, अस्पताल प्रबंधन पर लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।