

कोटा से गिरफ्तार तीन कथित शूटरों को मदद पहुंचाने के आरोप में चार गिरफ्तार, दो महिलाएं शामिल; मुंबई, दिल्ली और हरियाणा पुलिस के साथ आजमगढ़ पुलिस भी जांच में जुटी
तहबरपुर के कोठियार गांव की रहने वाली बताई जा रही है बबीता, करीब तीन साल पहले रिश्तेदार के यहां सोनीपत गई थी, शुरुआती जांच में पुराने आपराधिक मुकदमे की जानकारी नहीं
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमले से जुड़े मामले की जांच में जुटी विभिन्न राज्यों की पुलिस के लिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है। इसी मामले में राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार तीन कथित शूटरों को मदद पहुंचाने के आरोप में चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। गिरफ्तार महिलाओं में एक उत्तर प्रदेश के सीतापुर की राधा और दूसरी आजमगढ़ जिले के तहबरपुर क्षेत्र के कोठियार गांव की 23 वर्षीया बबीता है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों महिलाएं हरियाणा के सोनीपत में निजी सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करती थीं। आरोप है कि राधा के संपर्क में रहने वाले कुणाल ने उसे मुंबई में हथियार पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके लिए भुगतान किए जाने की बात भी सामने आई है। जांच में यह आरोप सामने आया है कि दोनों महिलाएं हथियार लेकर मुंबई पहुंचीं और वहां एक नाबालिग लड़के को उनकी डिलीवरी कर दी। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में दोनों महिलाओं की भूमिका और उनकी जानकारी के स्तर की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
आजमगढ़ पुलिस जुटा रही बबीता की पृष्ठभूमि
बबीता का नाम सामने आने के बाद आजमगढ़ पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड और स्थानीय पृष्ठभूमि की जानकारी जुटा रही है। शुरुआती जांच में उसके खिलाफ किसी पुराने आपराधिक मुकदमे की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस उसके परिवार, गांव और पूर्व गतिविधियों से संबंधित जानकारियां भी एकत्र कर रही है।
आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मुंबई, दिल्ली और हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर आजमगढ़ पुलिस जांच में सहयोग कर रही है। स्थानीय पुलिस बबीता की पिछली गतिविधियों और पृष्ठभूमि की जानकारी जुटा रही है।
एसपी के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि बबीता करीब तीन साल पहले अपने एक रिश्तेदार के यहां सोनीपत गई थी। वहां वह निजी सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करती थी।
फिलहाल, मामले की जांच जारी है। पुलिस विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। बबीता के खिलाफ किसी पुराने आपराधिक मुकदमे की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच पूरी होने और आरोप साबित होने से पहले उसे दोषी मानना उचित नहीं होगा।