
आठ स्वर्ण, सात रजत और तीन कांस्य पदक जीतकर खिलाड़ियों ने बढ़ाया मंडल का मान
70वीं विद्यालय राज्य योगासन खेल प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, विभिन्न आयु वर्गों की स्पर्धाओं में हासिल की सफलता
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। 70वीं विद्यालय राज्य योगासन खेल प्रतियोगिता-2026 में आजमगढ़ मंडल के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 18 पदक अपने नाम किए। इनमें आठ स्वर्ण, सात रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। शिब्ली नेशनल इंटर कॉलेज में नौ से 12 अक्तूबर तक आयोजित प्रतियोगिता के परिणाम सोमवार देर रात घोषित किए गए। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से आजमगढ़ मंडल का गौरव बढ़ा है।
मंडल खेल सचिव दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश के 18 मंडलों के बीच आयोजित इस प्रतियोगिता में आजमगढ़ के खिलाड़ियों ने विभिन्न आयु वर्गों की स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और योगासन के प्रति समर्पण का परिणाम पदकों के रूप में सामने आया।
अंडर-14 आर्टिस्टिक पेयर स्पर्धा में जाह्नवी और पहल की जोड़ी ने स्वर्ण पदक जीता। इसी आयु वर्ग की रिदमिक पेयर स्पर्धा में अंजलि और जानवी ने स्वर्ण पदक हासिल किया। अंडर-17 रिदमिक पेयर में माही और अर्पिता तथा अंडर-19 रिदमिक पेयर में पूजा और संजना की जोड़ी ने स्वर्ण पदक जीतकर मंडल का मान बढ़ाया।
रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में अंडर-14 आर्टिस्टिक सिंगल में जानवी और पीयूष, अंडर-17 आर्टिस्टिक सिंगल में प्रिंस, अंडर-19 ट्रेडिशनल में शौर्य, अंडर-14 आर्टिस्टिक पेयर में शौर्य और शिवानंद तथा अंडर-19 आर्टिस्टिक सिंगल में पूजा शामिल हैं।
वहीं, अंडर-14 ट्रेडिशनल स्पर्धा में अंजलि और अंडर-17 ट्रेडिशनल स्पर्धा में अंकित ने कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
प्रतियोगिता के सफल संचालन में निदेशक नूपुर श्रीवास्तव, प्रबंधक राजन वैदिक, स्टेज मैनेजर अर्चना और बालकृष्ण तथा मुख्य निर्णायक आशीष पांडेय और आशीष शर्मा सहित निर्णायक मंडल के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आजमगढ़ के सचिव अशोक और अध्यक्ष लौटू ने भी आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया। इसके अलावा मंजू चौरसिया, दीक्षा वर्मा, प्रियंका कुशवाहा, रितु चेतमनी, रजत मौर्य, स्मिता, राबिना, मंजरी, अंजलि, शैलेश, लोकनाथ, मनमोहन और शंकर रावत सहित अन्य सहयोगियों का योगदान रहा।
आजमगढ़ मंडल के खिलाड़ियों की इस सफलता को योगासन के प्रति उनकी लगन, निरंतर अभ्यास और अनुशासन का परिणाम माना जा रहा है। खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन से मंडल के अन्य खिलाड़ियों को भी भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।