
मुकुट पूजन के साथ ऐतिहासिक रामलीला शुरू, कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति ने मोहा मन
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। नगर के पुरानी कोतवाली में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक श्रीरामलीला का शुभारंभ शुक्रवार को मुकुट पूजन और हवन-पूजन के साथ हुआ। पहले दिन नारद मोह प्रसंग का मंचन किया गया। इसमें नारद के बंदर रूप को देखकर दर्शक हंसते-हंसते लोटपोट हो गए। श्री बाबा बैजनाथ रामलीला मंडल, जनकपुर मिथिलाधाम (बिहार) के कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। बीच-बीच में गूंजते भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

श्रीरामलीला समिति, पुरानी कोतवाली के तत्वावधान में आयोजित रामलीला का शुभारंभ शाम आठ बजे मुकुट पूजन और हवन-पूजन के साथ हुआ। इसके बाद श्री बाबा बैजनाथ रामलीला मंडल के कलाकारों ने नारद मोह प्रसंग का मंचन किया।
मंचन के दौरान भगवान विष्णु नारद मुनि के घमंड को तोड़ने के लिए उन्हें बंदर का रूप दे देते हैं। इसके बाद नारद मुनि श्रीनगर के राजा की पुत्री से विवाह करने पहुंचते हैं। राजा के दरबार में नारद को बंदर के रूप में देखकर लोग हंसने लगते हैं। इसी बीच भगवान शंकर के भेजे गए दो गण नारद को उनका बंदर वाला चेहरा दिखाते हैं। अपना रूप देखकर नारद मुनि क्रोधित हो जाते हैं और दोनों गणों को राक्षस बनने का श्राप दे देते हैं। इस पूरे प्रसंग का कलाकारों ने रोचक अंदाज में मंचन किया। नारद के बंदर रूप और उनके हाव-भाव देखकर दर्शक ठहाके लगाने लगे।
कार्यक्रम का संचालन समिति के संयोजक विभाष सिन्हा ने किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रतिदिन आयोजित होने वाली प्रभु श्रीराम की लीला का दर्शन करने और धार्मिक प्रसंगों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को सार्थक बनाने की अपील की।
इस अवसर पर श्रीचंद्र, सुरेश जायसवाल, संतोष, जयप्रकाश, श्रवण, भोला सेठ, त्रिलोकी साव, राजीव, सुरेश केसरी, पवन, विनायक, जयप्रकाश सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।