आजमगढ़ में सर्पदंश से तीन वर्षीय मासूम की मौत, इकलौती संतान को खोकर बिलख उठा परिवार

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ननिहाल में खेलते समय सांप ने डसा, झाड़-फूंक के बाद अस्पताल पहुंचे परिजन, लालगंज से जौनपुर रेफर किए जाने पर देर रात तोड़ा दम

हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के गंभीरपुर निवासी तीन वर्षीय मासूम अल्तमस पुत्र सरफराज की सर्पदंश से मौत हो गई। शुक्रवार देर रात हुई इस दर्दनाक घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इकलौती संतान को खोने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, अल्तमस शुक्रवार सुबह अपने ननिहाल कमरावा गया था। शाम करीब छह बजे वह ननिहाल के आंगन में खेल रहा था। इसी दौरान जहरीले सांप ने उसे डस लिया। बच्चे की हालत बिगड़ने पर परिजन पहले उसे झाड़-फूंक कराने के लिए ले गए। हालांकि, उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ।

बच्चे की हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे लालगंज स्थित सौ शैया अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जौनपुर रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर जौनपुर पहुंचे, जहां देर रात चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। जिस बच्चे की किलकारियों से घर-आंगन गुलजार रहता था, उसकी असमय मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया। इकलौती संतान होने के कारण परिवार के लिए यह क्षति असहनीय हो गई है।

यह दर्दनाक घटना सर्पदंश के मामलों में समय पर चिकित्सकीय सहायता की अहमियत को रेखांकित करती है। सांप के काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय उपचार और आवश्यक एंटीवेनम मिलने से जान बचने की संभावना बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को शांत रखकर जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए। घाव को काटने, जहर चूसने या कसकर पट्टी बांधने जैसे उपायों से बचना चाहिए।

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