
आजमगढ़ में 20 दुकानों का निरीक्षण, जीयनपुर और सरायमीर में 20 खाद्य विक्रेताओं को किया गया प्रशिक्षित; पुराने कुट्टू के आटे की बिक्री पर चेतावनी
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। नवरात्रि और दशहरा पर्व के मद्देनजर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष छापेमारी अभियान चलाया। अभियान के दौरान जिले में 20 दुकानों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। खाद्य पदार्थों के चार नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। वहीं, जीयनपुर और सरायमीर में 20 खाद्य विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करते हुए प्रशिक्षण दिया गया।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के आदेश पर सहायक आयुक्त (खाद्य)-II सुशील कुमार मिश्र के मार्गदर्शन और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय कुमार तिवारी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर जांच की। हाईडिल चौराहा, सिधारी स्थित एक प्रतिष्ठान से सिंघाड़े के आटे के दो और कुट्टू के आटे का एक नमूना लिया गया। इसके अलावा निजामाबाद तहसील क्षेत्र स्थित एक प्रतिष्ठान से किशमिश का नमूना संग्रहित किया गया। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
पुराने फलाहार की बिक्री पर होगी कार्रवाई
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II सुशील कुमार मिश्र ने बताया कि आगामी त्योहारों तक छापेमारी अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग की ओर से विभिन्न स्थानों पर जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोग व्रत में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और शुद्धता के प्रति सतर्क रहें।
उन्होंने खाद्य कारोबारियों को प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पुराने फलाहार संबंधी स्टॉक को तत्काल नष्ट कराने की चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुराना या कालातीत फलाहार संबंधी स्टॉक मिलने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
20 खाद्य विक्रेताओं को दिया प्रशिक्षण
विभाग की एक अन्य टीम ने जीयनपुर और सरायमीर में कुल 20 खाद्य विक्रेताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें नवरात्रि और दशहरा के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा विशेष रूप से कुट्टू के आटे और घी से संबंधित खाद्य सुरक्षा मानकों की जानकारी दी गई।
खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और विनियम, 2011 के प्रावधानों से अवगत कराया गया। उन्हें पुराने कुट्टू के आटे की बिक्री नहीं करने और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रजनीश कुमार, गोविन्द यादव, लालमणि यादव, शीत कुमार सिंह, अमरनाथ, बेबी सोनम, राजीव कुमार सिंह और सुचित प्रसाद शामिल रहे।