
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने जताया कड़ा विरोध, जिलाधिकारी के माध्यम से वित्त मंत्री को भेजा ज्ञापन
0.4 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा वापस लेने की मांग, बोले व्यापारी—डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बजाय शुल्क लगाना व्यापारी विरोधी कदम
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। सरकार और एनपीसीआई द्वारा यूपीआई डिजिटल लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के रूप में नया शुल्क लगाए जाने के फैसले का उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल नगर, आजमगढ़ ने कड़ा विरोध किया है। व्यापारियों ने इसे व्यापारी विरोधी फैसला बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की।
नगर अध्यक्ष मनोज कुमार बरनवाल ने कहा कि यूपीआई डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बजाय उस पर शुल्क लगाने का निर्णय डिजिटल इंडिया अभियान की भावना के विपरीत है। इससे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और डिजिटल लेन-देन प्रभावित हो सकता है।
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों एवं व्यापारियों ने नगर अध्यक्ष मनोज कुमार बरनवाल के नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरकार द्वारा व्यापारियों पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क लगाने की घोषणा को वापस लेने की मांग की गई।
व्यापारियों ने कहा कि वे किसी भी अतिरिक्त शुल्क का बोझ उठाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार कर इसे तत्काल वापस लिया जाए।
इस दौरान व्यापार मंडल के नगर महामंत्री जय प्रकाश वर्मा, वरिष्ठ महामंत्री आशीष गोयल, उपाध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता, पवन अग्रवाल, उद्योग मंच महामंत्री असीम अब्बासी, श्याम नारायण बरनवाल, युवा उपाध्यक्ष सौरभ डालमिया, युवामंत्री आलोक सिंह, आदर्श वर्मा, संजीव मद्देशिया, गोपाल बरनवाल, ईश्वर कांसकार, अब्दुल वाहिद, अजय वर्मा, दिवाकर सेठ और संतोष सेठ समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।