

निजामाबाद पुलिस की कार्रवाई, आरोपी के कब्जे से रिवाल्वर, 33 जिंदा और दो खोखा कारतूस बरामद, आधार, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड भी मिले
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर ग्राम मिर्जापुर का निवासी दर्शाकर शस्त्र लाइसेंस और अन्य सरकारी लाभ हासिल करने के मामले में निजामाबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मुकदमे में नामजद 42 वर्षीय इबराक खान पुत्र इमदाद खान को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से लाइसेंसी 32 बोर की रिवाल्वर, 33 जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी वर्तमान में मुंबई के ओशिवरा थाना क्षेत्र स्थित पाटलिपुत्र में रह रहा था। निजामाबाद पुलिस की टीम ने मुंबई पुलिस के सहयोग से उसके ठिकाने पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया।
बाहरी व्यक्ति को गांव का निवासी दिखाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर को विश्वस्त सूत्र से सूचना मिली थी कि ग्राम मिर्जापुर निवासी मिर्जा अयाज बेग और उसके सहयोगियों द्वारा बाहर रहने वाले लोगों को गांव का निवासी दर्शाकर उनके नाम पर कथित तौर पर फर्जी पते और कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए जाते हैं। इसके बदले मोटी रकम लेने और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर शस्त्र लाइसेंस सहित अन्य सरकारी लाभ दिलाने की बात सामने आई।
जांच में पुलिस को पता चला कि मुंबई में रहने वाले इबराक खान को ग्राम मिर्जापुर का निवासी दर्शाते हुए कथित तौर पर परिवार रजिस्टर, विद्यालय अभिलेख और अन्य दस्तावेज तैयार कराए गए। पुलिस के मुताबिक इन्हीं अभिलेखों के आधार पर आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज बनवाए गए और वर्ष 2010 में रिवाल्वर का शस्त्र लाइसेंस प्राप्त किया गया।
2010 में जारी हुआ था शस्त्र लाइसेंस
पुलिस जांच में इबराक खान के नाम शस्त्र लाइसेंस संख्या 315/2010 ग्राम मिर्जापुर के पते पर जारी होना सामने आया है। पुलिस का कहना है कि इस लाइसेंस से संबंधित जूनियर हाईस्कूल के स्थानांतरण प्रमाणपत्र और परिवार रजिस्टर की नकल समेत कुछ अभिलेखों के कूटरचित होने की जानकारी जांच में सामने आई है।
जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2025 में इबराक ने मुंबई के अस्थायी पते पर गजट के माध्यम से अपना नाम बदलकर मो. इबराक खान पुत्र इमदाद खान कराया, जबकि इसी नाम से वर्ष 2010 में शस्त्र लाइसेंस जारी हुआ था।
दूसरे व्यक्ति का लाइसेंस भी जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार जांच में शाहिद मोहम्मद खान पुत्र मोहम्मद सईद खान, निवासी अंधेरी वेस्ट, मुंबई का भी वर्ष 2010 में ग्राम मिर्जापुर के पते पर शस्त्र लाइसेंस संख्या 314/2010 जारी होना सामने आया है। इस लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों के संबंध में भी कूटरचना की जानकारी सामने आने की बात पुलिस ने कही है।
पुलिस के मुताबिक इबराक खान और शाहिद मोहम्मद खान के नाम SIR (Special Intensive Revision) Voter List-2026 में भी ग्राम मिर्जापुर के पते पर दर्ज पाए गए। हालांकि ग्राम प्रधान की वर्तमान रिपोर्ट, परिवार रजिस्टर और अन्य अभिलेखों के अवलोकन में दोनों का गांव का निवासी होना नहीं पाया गया।
मिर्जा अयाज बेग की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस जांच में ग्राम मिर्जापुर निवासी मिर्जा अयाज बेग पुत्र मिर्जा मिनहाज बेग की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार उस पर बाहरी लोगों को गांव का निवासी दर्शाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराने तथा शस्त्र लाइसेंस और अन्य सरकारी लाभ दिलाने में सहयोग करने का आरोप है।
जांच में अयाज बेग, उसकी पत्नी, पुत्र और भाइयों सहित कुल आठ शस्त्र लाइसेंस होने की जानकारी सामने आने की बात भी पुलिस ने कही है। हालांकि इस संबंध में उसकी भूमिका और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की जांच अभी जारी है।
मुंबई पहुंची पुलिस टीम, ट्रांजिट रिमांड के बाद आजमगढ़ लाया गया
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति के बाद निजामाबाद थाने के निरीक्षक (अपराध) जयप्रकाश यादव और उपनिरीक्षक चित्रांशु मिश्रा पुलिस टीम के साथ एक अक्तूबर को मुंबई पहुंचे। ओशिवरा पुलिस के सहयोग से आरोपी के वर्तमान पते पर दबिश दी गई।
तलाशी के दौरान उसके कब्जे से आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड के अलावा मुकदमे से संबंधित लाइसेंसी रिवाल्वर और कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने आरोपी को दो अक्तूबर को न्यायिक मजिस्ट्रेट, बांद्रा, मुंबई के समक्ष पेश किया, जहां से उसे आजमगढ़ की अदालत में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया। इसके बाद चार अक्तूबर को उसे थाना निजामाबाद लाया गया। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश
पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सामने आए अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। मामले में कूटरचित दस्तावेज तैयार कराने, सरकारी अभिलेखों में कथित तौर पर गलत जानकारी दर्ज कराने और शस्त्र लाइसेंस हासिल करने की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है।