साइबर ठगी के शिकार चार लोगों को वापस मिले 2.37 लाख रुपये

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निजामाबाद में ऑनलाइन शॉपिंग, कोतवाली में नौकरी के नाम पर ठगी, बरदह में क्रेडिट कार्ड और गंभीरपुर में फर्जी कॉल से हुआ था फ्रॉड हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। साइबर ठगी के मामलों में आजमगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई से चार पीड़ितों को कुल 2 लाख 37 हजार रुपये वापस मिल गए। साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर मिली शिकायतों पर पुलिस टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम को होल्ड कराया। इसके बाद नियमानुसार प्रक्रिया और कोर्ट आदेश के माध्यम से पीड़ितों के खातों में धनराशि वापस कराई गई।
पुलिस के अनुसार, निजामाबाद, कोतवाली, बरदह और गंभीरपुर थाना क्षेत्रों में अलग-अलग तरीकों से साइबर फ्रॉड किया गया था।
ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर 95 हजार की ठगी
निजामाबाद थाना क्षेत्र में 30 मई 2026 को एक पीड़िता के साथ ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से 95 हजार रुपये का साइबर फ्रॉड हुआ था। पीड़िता ने तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर टीम ने कार्रवाई करते हुए पूरी धनराशि संबंधित बैंक खाते में होल्ड करा दी। कोर्ट आदेश के बाद 17 सितंबर 2026 को 95 हजार रुपये पीड़िता के खाते में वापस करा दिए गए।
नौकरी लगवाने का झांसा देकर 75 हजार ऐंठे
कोतवाली क्षेत्र में एक पीड़िता को अज्ञात व्यक्ति ने नौकरी लगवाने के नाम पर फोन किया। विश्वास में लेकर उससे 75 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। रकम लेने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया। शिकायत मिलने पर साइबर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए धनराशि होल्ड कराई और कोर्ट आदेश के माध्यम से पूरे 75 हजार रुपये पीड़िता के खाते में वापस करा दिए।
क्रेडिट कार्ड से 52 हजार की ऑनलाइन खरीदारी
बरदह थाना क्षेत्र में 10 सितंबर 2026 को पीड़िता का फोन हैक कर उसके क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 52 हजार रुपये की ऑनलाइन खरीदारी की गई। शिकायत मिलते ही साइबर हेल्प डेस्क टीम ने संबंधित ऑनलाइन मर्चेंट से संपर्क किया। पुलिस की कार्रवाई से ठगी की रकम से किए गए ऑर्डर को कैंसिल कराया गया और 52 हजार रुपये की पूरी धनराशि वापस कराई गई।
फर्जी कॉल कर यूपीआई से 10 हजार उड़ाए
गंभीरपुर थाना क्षेत्र में एक आवेदक को फर्जी कॉल के जरिए विश्वास में लेकर यूपीआई/पेटीएम के माध्यम से 10 हजार रुपये का साइबर फ्रॉड किया गया। 1930 के माध्यम से शिकायत मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रकम को फ्रीज/होल्ड कराया। नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कर 10 हजार रुपये आवेदक के खाते में वापस करा दिए गए।
पुलिस ने की सतर्क रहने की अपील
चारों मामलों में पुलिस की कार्रवाई से कुल 2,37,000 रुपये पीड़ितों को वापस मिले। रकम वापस मिलने पर पीड़ितों ने पुलिस के प्रति आभार जताया।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर फ्रॉड होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। इसके साथ ही किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, सीवीवी और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में संबंधित बैंक को भी तत्काल सूचना दें।

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