
विवेचनाएं लटकाने और अफसरों के आदेश की अनदेखी पर गिरी गाज, अहरौला-अतरौलिया में बदली थानेदारी; कार्रवाई से पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। जिले की पुलिसिंग में लापरवाही और अनुशासनहीनता पर एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बड़ा एक्शन लिया है। कामकाज में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में अहरौला और अतरौलिया के थानाध्यक्षों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही दोनों थानों की कमान नए अधिकारियों को सौंपते हुए छह उपनिरीक्षकों के तबादले किए गए हैं। एसएसपी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है।
अहरौला के थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक मंतोष सिंह और अतरौलिया के थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक देवेन्द्र नाथ दुबे के खिलाफ विवेचनाओं को लंबित रखने, निर्धारित समय में मामलों का निस्तारण नहीं करने और उच्चाधिकारियों के आदेश-निर्देशों की अवहेलना करने की शिकायतें सामने आई थीं। जांच में पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, उदासीनता और अनुशासनहीनता पाए जाने पर एसएसपी ने दोनों को निलंबित कर दिया।
दो थानों में तत्काल बदली कमान
निलंबन की कार्रवाई के साथ ही पुलिस प्रशासन ने दोनों थानों में नई तैनाती कर दी है। उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार दुबे को पुलिस लाइन से थानाध्यक्ष अतरौलिया बनाया गया है। वहीं उपनिरीक्षक राम किशोर शर्मा को प्र0चौ0 ब्रह्मस्थान, थाना कोतवाली से थानाध्यक्ष अहरौला की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा पुलिस व्यवस्था में बदलाव करते हुए उपनिरीक्षक अतुल कुमार मिश्रा को थानाध्यक्ष जहानागंज से थानाध्यक्ष बिलरियागंज तथा उपनिरीक्षक अमित कुमार मिश्रा को थानाध्यक्ष बिलरियागंज से थानाध्यक्ष जहानागंज भेजा गया है।
महिला दरोगा को ब्रह्मस्थान चौकी की कमान
स्थानांतरण सूची में महिला उपनिरीक्षक प्रियंका तिवारी को पुलिस लाइन से प्रभारी चौकी ब्रह्मस्थान, थाना कोतवाली बनाया गया है। वहीं उपनिरीक्षक मोहम्मद सत्तार को पुलिस लाइन से थाना मुबारकपुर भेजा गया है।
सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
‘लापरवाही मिली तो कार्रवाई तय’
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने कार्रवाई के जरिए पुलिसकर्मियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि पदीय दायित्वों में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। दोनों निलंबित थानाध्यक्षों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी प्रचलित है।
पुलिस प्रशासन का जोर लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण, कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और थानों की कार्यप्रणाली में जवाबदेही बढ़ाने पर है। एसएसपी ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी लापरवाही या अनुशासनहीनता सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।