

पति समेत ससुराल के लोगों पर मारपीट, गर्भपात कराने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप; रौनापार थाने में दर्ज हुई एफआईआर
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। रौनापार थाना क्षेत्र के पारा गांव की एक विवाहिता ने अपने पति समेत ससुराल के चार लोगों पर दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर रौनापार पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर के अनुसार विवाहिता की शादी 14 मई 2025 को हुई थी। आरोप है कि शादी में मायके पक्ष की ओर से सामर्थ्य के अनुसार करीब दो लाख रुपये नकद, टीवी, फ्रिज, सोने की चेन, अंगूठी, सोफा सेट, डबल बेड, कूलर, अलमारी, बर्तन समेत अन्य सामान और एक मोटरसाइकिल दी गई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगे।
मोटरसाइकिल अपने नाम कराने और बुलेट की मांग का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पति और ससुराल के अन्य लोग मायके से मिली मोटरसाइकिल को अपने नाम कराने के साथ ही अतिरिक्त दहेज के रूप में बुलेट मोटरसाइकिल की मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता के साथ गाली-गलौज और मारपीट किए जाने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, विवाहिता के मायके आने के बाद रिश्तेदारों के समझाने पर उसे दोबारा ससुराल भेजा गया, लेकिन वहां कथित रूप से प्रताड़ना जारी रही।
गर्भपात कराने और आपत्तिजनक संबंध के लिए दबाव का भी आरोप
विवाहिता ने आरोप लगाया है कि गर्भवती होने के बाद उसके पति ने उसकी इच्छा के विरुद्ध दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया। इसके अलावा पति पर शराब पीकर उसके साथ आपत्तिजनक संबंध बनाने के लिए दबाव डालने का भी आरोप लगाया गया है। विरोध करने पर मायके वालों को गाली देने, जान से मारने और तलाक की धमकी देने की बात शिकायत में कही गई है। शिकायत में यह भी आरोप है कि बुलेट मोटरसाइकिल नहीं मिलने पर उसे बेचने की धमकी दी गई।
20 अगस्त की घटना में मारपीट का आरोप
एफआईआर के मुताबिक, 20 अगस्त 2026 को ससुराल में पति समेत अन्य आरोपियों ने विवाहिता के साथ कथित रूप से लात-मुक्के और डंडे से मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान गाली-गलौज करने के साथ जान से मारने की धमकी भी दी गई। विवाहिता ने पुलिस से मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और न्याय दिलाने की मांग की थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।