
चाइल्ड हेल्पलाइन और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, बच्चों को परिजनों के सुपुर्द कर शिक्षा दिलाने का लिया गया संकल्प
आजमगढ़। जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को भंवरनाथ मंदिर परिसर में बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान भीख मांगते मिले चार बच्चों को रेस्क्यू कर चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय लाया गया।
चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने बच्चों का चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद उन्हें बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति के आदेश पर सभी बच्चों को उनकी माता के सुपुर्द कर दिया गया। साथ ही बच्चों को कपड़े, चप्पल, टूथब्रश और टूथपेस्ट सहित आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।
बच्चों की माता ने बाल कल्याण समिति के समक्ष लिखित और मौखिक आश्वासन दिया कि भविष्य में वह बच्चों से भिक्षावृत्ति नहीं कराएंगी तथा उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजकर शिक्षा दिलाएंगी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध सिंह ने कहा कि बाल भिक्षावृत्ति बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है। प्रशासन का उद्देश्य ऐसे बच्चों को भीख मांगने से मुक्त कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और उनका सुरक्षित एवं सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित करना है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई बच्चा भिक्षावृत्ति या बालश्रम करता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
अभियान में चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के संजय शाही, शैलेन्द्र मिश्र, प्रतीक सिंह, कविता गौतम, एएचटी थाना टीम, वन स्टॉप सेंटर की सरिता पाल तथा संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।