
आजमगढ़ के मेहनगर का रहने वाला था बदमाश, बसपा नेता कलामुद्दीन हत्याकांड समेत 10 संगीन मुकदमों में था वांछित
आजमगढ़। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और गोरखपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार देर रात हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू को मार गिराया। मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल मुस्तफिजुल को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं बदमाश की फायरिंग में मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह घायल हो गए, जिनका उपचार चल रहा है।
पुलिस के अनुसार सोमवार रात करीब 11 बजे रामनगर करजहा से कुशीनगर लेन के पास एसटीएफ और गोरखपुर पुलिस की संयुक्त टीम संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान आजमगढ़ के मेहनगर थाना क्षेत्र के खुन्दनपुर गांव निवासी मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा। पुलिस का कहना है कि खुद को घिरा देख उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इस दौरान बदमाश की ओर से की गई फायरिंग में मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी घायल हो गए। पुलिस ने मौके से .32 बोर की एक पिस्टल, मोटरसाइकिल तथा भारी मात्रा में कारतूस और खोखे बरामद किए हैं। घायल मुस्तफिजुल को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक मुस्तफिजुल रहमान वर्ष 2024 से फरार चल रहा था और आजमगढ़ में चर्चित बसपा नेता कलामुद्दीन हत्याकांड का आरोपित था। उसके विरुद्ध हत्या, हत्या का प्रयास, पुलिस हिरासत से फरार होने, धमकी सहित गंभीर अपराधों के कुल 10 मुकदमे विभिन्न जिलों में दर्ज थे। वर्ष 2021 के हत्या के मामले में उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार मुस्तफिजुल के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 2003 में मेहनगर थाने में चोरी के मामले में दर्ज हुआ था। इसके बाद वर्ष 2008 और 2011 में हत्या के प्रयास, वर्ष 2012 में हत्या एवं आपराधिक साजिश तथा वर्ष 2024 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हुए। 10 दिसंबर 2024 को महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत से फरार होने का मामला भी उसके खिलाफ दर्ज किया गया था। वर्ष 2026 में हरदोई जिले के बिलग्राम थाने में भी उसके विरुद्ध एक अन्य मुकदमा दर्ज हुआ था।