इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, जांच में नहीं मिले अस्पताल संचालन के वैध अभिलेख
आजमगढ़। बिलरियागंज बाजार में कथित रूप से अवैध ढंग से संचालित अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कस दिया है। महिला की इलाज के दौरान मौत के मामले के बाद हुई जांच में अस्पताल के संचालन से संबंधित वैध अभिलेख नहीं मिलने पर अधिकारियों ने अस्पताल को सील कर दिया। साथ ही भवन स्वामी राजेश कुमार मधेशिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई के लिए बिलरियागंज कोतवाली में तहरीर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र के मुताबिक, बिलरियागंज बाजार में राजेश कुमार मधेशिया पुत्र रामचंद्र मधेशिया के मकान में कथित रूप से अवैध अस्पताल संचालित किया जा रहा था। शिकायत और प्राप्त सूचना के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मामले की जांच शुरू की। बताया गया कि एक महिला को उपचार के लिए उक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ने और विवाद की स्थिति उत्पन्न होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। महिला को उपचार के लिए आजमगढ़ ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने पर मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और सीएचसी बिलरियागंज की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मौके पर अस्पताल संचालन से संबंधित वैध पंजीकरण और जरूरी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा सके। निरीक्षण के समय अस्पताल में कोई जिम्मेदार व्यक्ति भी मौजूद नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिस्थितियों और जांच के आधार पर अस्पताल को तत्काल सील कर दिया। अधिकारियों ने बिलरियागंज पुलिस से कथित अवैध अस्पताल के संचालन के मामले में भवन स्वामी राजेश कुमार मधेशिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। मामले में पुलिस को तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। महिला की मौत और कथित अवैध अस्पताल के संचालन का मामला सामने आने से क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।