
लालगंज में बिना वैध पंजीकरण चल रहा था अस्पताल, एनआईसीयू में भी मिलीं गंभीर खामियां
पूर्व में सीज होने के बावजूद दोबारा संचालन का आरोप, संचालक और कर्मचारी नहीं दिखा सके चिकित्सा योग्यता के दस्तावेज
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। लालगंज स्थित गीता चाइल्ड केयर हॉस्पिटल में नवजात शिशु की मौत और इलाज में लापरवाही के आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय जांच में अस्पताल बिना वैध पंजीकरण के संचालित पाया गया। वहीं, नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में निर्धारित मानकों की अनदेखी, संचालक और कर्मचारियों की शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता के अभिलेखों का अभाव और बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इन खामियों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया। मामले में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
सीएमओ के निर्देश पर कराई गई जांच
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने नवजात की मौत और उपचार में लापरवाही के आरोपों की जानकारी उनके सीयूजी मोबाइल नंबर पर दी थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तत्काल संज्ञान लिया और डिप्टी सीएमओ एवं निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों के नोडल अधिकारी डॉ. मोहनलाल को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज के अधीक्षक डॉ. एआर सिंह के माध्यम से अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण कराया गया।
न पंजीकरण के कागजात मिले, न चिकित्सा योग्यता के प्रमाण
निरीक्षण के दौरान अस्पताल के वैध पंजीकरण से संबंधित अभिलेख नहीं मिले। अस्पताल संचालक और वहां कार्यरत कर्मचारी भी अपनी चिकित्सा डिग्री, तकनीकी योग्यता तथा आवश्यक पंजीकरण से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच में अस्पताल की एनआईसीयू निर्धारित चिकित्सा मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इसके अलावा बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण में भी गंभीर खामियां सामने आईं। कार्रवाई के दौरान साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए टीम ने फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई।
पहले भी सीज हो चुका था अस्पताल
स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि अस्पताल को पूर्व में सीज किया जा चुका था। इसके बावजूद कथित तौर पर दोबारा इसका संचालन किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान संचालक और कर्मचारी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके और मौके से चले गए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को फिर से सीज कर दिया। विभाग ने मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अवैध अस्पतालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई: सीएमओ
सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा ने स्पष्ट किया कि बिना वैध पंजीकरण के संचालित अस्पतालों और अन्य चिकित्सा प्रतिष्ठानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अयोग्य व्यक्तियों द्वारा इलाज करने, चिकित्सा मानकों की अनदेखी करने और मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निजी अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करने और अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आमजन से अपील की कि किसी भी अस्पताल में इलाज कराने से पहले उसका वैध पंजीकरण और उपचार करने वाले चिकित्सकों की योग्यता की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। किसी संदिग्ध या अपंजीकृत चिकित्सा प्रतिष्ठान की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें।