
पार्क में कथित अवैध कब्जे के खिलाफ प्रदर्शन, 48 घंटे का अल्टीमेटम; कार्रवाई न होने पर चक्का जाम की चेतावनी
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। सिविल लाइंस स्थित ऐतिहासिक स्वामी विवेकानंद पार्क में कथित अवैध अतिक्रमण और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के अनादर को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। विभाग संयोजक गौरव प्रताप शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और नगर पालिका के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की।
नगर पालिका गेट पर दिया धरना
अधिशासी अधिकारी और चेयरमैन के मौके पर मौजूद नहीं होने से नाराज ABVP कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका गेट पर धरना शुरू कर दिया। बाद में मौके पर पहुंचे कर निर्धारण अधिकारी धर्मेंद्र सोनी को कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों से अवगत कराया। इसके बाद कलेक्ट्रेट में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया।

निजी प्रतिष्ठान पर लगाया पार्क में ढांचा खड़ा करने का आरोप
विभाग संयोजक गौरव प्रताप शर्मा ने आरोप लगाया कि सिविल लाइंस स्थित स्वामी विवेकानंद पार्क युवाओं और छात्रों के लिए राष्ट्रभक्ति का महत्वपूर्ण केंद्र है। आरोप है कि एक निजी प्रतिष्ठान ने व्यावसायिक लाभ के लिए पार्क के भीतर नियमों को दरकिनार करते हुए विशाल लोगो/ढांचा लगा दिया है। ABVP का आरोप है कि इससे स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पीछे छिप गई है, जिसे संगठन ने महापुरुष का अनादर बताया।
फव्वारा पाटने का भी आरोप
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर पालिका की ओर से जनता के धन से निर्मित फव्वारे को संबंधित कंपनी ने मिट्टी से पाट दिया। ABVP ने इसे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला बताते हुए पूरे प्रकरण की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
48 घंटे का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
ABVP ने जिला प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि पार्क में लगाए गए कथित अवैध ढांचे को तत्काल नहीं हटाया गया तो संगठन पूरे जनपद में चक्का जाम और व्यापक आंदोलन करेगा। संगठन ने आंदोलन की स्थिति में पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होने की चेतावनी दी।
विभाग संगठन मंत्री सात्विक जी ने कहा कि राष्ट्रनायकों का अपमान और सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान आलोक मिश्रा, आदित्य गुप्ता, प्रियांशु गुप्ता, सूर्यांश सोनकर समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी और छात्र मौजूद रहे।