

बिना पंजीकरण चल रहे थे अस्पताल, दो भर्ती मरीजों को सरकारी अस्पताल में कराया गया शिफ्ट
बिलरियागंज में सपना पॉलीक्लिनिक, देवांश हॉस्पिटल और परशुरामपुर के श्याम नर्सिंग होम पर कार्रवाई; सीएमओ ने दी सख्त चेतावनी
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। जनपद में बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. एन.आर. वर्मा के निर्देश पर बिलरियागंज क्षेत्र में चलाए गए सघन जांच अभियान के दौरान तीन अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित होते पाए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में तीनों अस्पतालों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से अवैध रूप से अस्पताल संचालित करने वालों में हड़कंप मच गया।
यह कार्रवाई डिप्टी सीएमओ डॉ. मोहनलाल और पटल सहायक धीरेन्द्र शुक्ल के नेतृत्व में की गई। अभियान में बिलरियागंज थाने की पुलिस भी शामिल रही।
सपना पॉलीक्लिनिक में भर्ती मिले दो मरीज
जांच अभियान के दौरान बिलरियागंज स्थित सपना पॉलीक्लिनिक में बिना पंजीकरण के चिकित्सा सेवाएं संचालित होती मिलीं। जांच के समय क्लिनिक में दो मरीज भर्ती थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों को समझाकर सरकारी अस्पताल में शिफ्ट कराया। इसके बाद क्लिनिक की ओपीडी और चार बेड को सील कर दिया गया।
बंद मिला देवांश हॉस्पिटल, स्थानीय लोगों ने दी जानकारी
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम बिलरियागंज स्थित देवांश हॉस्पिटल पहुंची। मौके पर अस्पताल बंद मिला, लेकिन स्थानीय लोगों ने टीम को बताया कि यहां नियमित रूप से अस्पताल संचालित किया जाता है। इस जानकारी के आधार पर टीम ने पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल को सील कर दिया।
श्याम नर्सिंग होम में मिला डिलीवरी रूम और एनआईसीयू वार्ड
तीसरी कार्रवाई परशुरामपुर स्थित श्याम नर्सिंग होम में की गई। जांच के दौरान यह नर्सिंग होम भी बिना वैध पंजीकरण के संचालित पाया गया। मौके पर कोई मरीज नहीं मिला, लेकिन परिसर में डिलीवरी रूम और तीन बेड का एनआईसीयू वार्ड बना हुआ था। टीम ने नर्सिंग होम की ओपीडी, डिलीवरी रूम और एनआईसीयू वार्ड को सील कर दिया।
फोटो और वीडियोग्राफी से सुरक्षित किए साक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरी कार्रवाई की फोटो और वीडियोग्राफी कराकर साक्ष्य सुरक्षित कर लिए। सीएमओ डॉ. एन.आर. वर्मा ने स्पष्ट किया कि जनपद में बिना वैध पंजीकरण के संचालित किसी भी अस्पताल को बख्शा नहीं जाएगा। मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले अस्पताल संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।