

लखनऊ में जमीन दिलाने का झांसा देकर 68.46 लाख रुपये लेने का आरोप, कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
शिकायतकर्ता राना आशीष कुमार सिंह की तहरीर पर अनिल यादव, सुरेन्द्र प्रताप यादव, सुभाष मौर्य और संतोष कुमार यादव नामजद, आईपीसी की धारा 420 और 120-बी के तहत मामला दर्ज हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। जमीन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने के आरोप में नगर कोतवाली पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। शिकायतकर्ता राना आशीष कुमार सिंह निवासी हीरापट्टी, थाना कोतवाली, आजमगढ़ ने आरोप लगाया है कि लखनऊ में जमीन दिलाने का भरोसा देकर उनसे कुल 68.46 लाख रुपये लिए गए, लेकिन जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। पुलिस ने 15 अक्टूबर 2026 को दर्ज एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120-बी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
जमीन दिलाने का भरोसा देकर कराया सौदा
एफआईआर में दर्ज शिकायत के मुताबिक, जून 2023 में सुभाष मौर्य शिकायतकर्ता के घर पहुंचे और लखनऊ में जमीन दिलाने की बात कही। इसके अगले दिन वह सुरेन्द्र प्रताप यादव के साथ पहुंचे। दोनों ने बताया कि वे संतोष कुमार यादव के साथ मिलकर जमीन खरीदने-बेचने का काम करते हैं और मेसर्स हमसफर मेगा सिटी लिमिटेड नाम से संस्था संचालित करते हैं।
आरोप है कि इसके बाद शिकायतकर्ता की वीडियो कॉल के माध्यम से अनिल यादव से बातचीत कराई गई। अनिल यादव ने जमीन के सौदे और भुगतान की जिम्मेदारी संतोष कुमार यादव के माध्यम से पूरी कराने की बात कही।
लखनऊ में प्लॉट पसंद करने का दावा
शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता को लखनऊ जिले की मोहनलालगंज तहसील के चबिलिया गांव में जमीन दिखाई गई। वहां गाटा संख्या 0346 में दर्ज 0.417 हेक्टेयर जमीन में से पांच हजार वर्गफुट का प्लॉट पसंद किया गया। आरोप है कि जमीन की कीमत 14 हजार रुपये प्रति वर्गफुट तय हुई और रजिस्ट्री तथा अन्य खर्चों को लेकर भुगतान की बात हुई।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, 5 जुलाई 2023 को अनिल यादव ने भारत इंटरप्राइजेज के खाते में 33.46 लाख रुपये जमा कराने को कहा। आरोप है कि शिकायतकर्ता ने आरटीजीएस के माध्यम से उक्त खाते में रकम जमा कर दी। इसके बाद शेष रकम और रजिस्ट्री खर्च के संबंध में बातचीत हुई।
35 लाख रुपये नकद देने का आरोप
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि 12 जून 2023 को शिकायतकर्ता ने अनिल यादव के घर पहुंचकर उसके पिता को 35 लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद वह जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए संबंधित कार्यालय पहुंचे, लेकिन उन्हें रजिस्ट्री नहीं होने की बात कहकर वापस भेज दिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अगले दिन संतोष कुमार यादव का कार्यालय बंद मिला और उनका मोबाइल फोन भी बंद था।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने कई बार संबंधित लोगों से संपर्क करने और कार्यालय जाने का प्रयास किया, लेकिन जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई और रकम वापस भी नहीं की गई।
चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
शिकायत के आधार पर एफआईआर में चार लोगों को नामजद किया गया है। इनमें अनिल यादव निवासी ग्राम कडंडी, थाना कप्तानगंज; सुरेन्द्र प्रताप यादव निवासी ग्राम बरवा सागर; सुभाष मौर्य निवासी बेपुर खालसा, थाना निजामाबाद; तथा संतोष कुमार यादव निवासी विरादर लोधिका पुरा, थाना फूलपुर, आजमगढ़ शामिल हैं।